गाजियाबाद। डूब क्षेत्र कनावनी और शिव विहार में घरों को अस्थाई तौर पर बिजली कनेक्शन दिए जाने का आदेश जारी होने के बाद ऊर्जा निगम ने अपने अपने क्षेत्र में सर्वे शुरू कर दिया। एसडीओ की अगुवाई में टीम यह देखेंगी कि इलाके में खंभे, ट्रांसफार्मर और लाइन बिछाने में कितनी लागत आएगी। मुख्य लाइन इस आबादी से कितनी दूर है। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
विदित हो कि कनावनी क्षेत्र में 200 के करीब घरों में बिजली कनेक्शन हैं। इसके बाद यहां कनेक्शन देने पर रोक लगा दी गई थी। जिसके बाद से लोग बिना बिजली कनेक्शन के ही अपना काम चला रहे हैं। आरोप है कि जिन घरों में कनेक्शन थे, वह बिजली इनको बेच रहे थे। इनसे मनमानी वसूली हो रही थी। चाहकर भी ऊर्जा निगम इसको नहीं रोक पा रहा था।
ऊर्जा निगम को इससे भारी नुकसान भी हो रहा था। लेकिन अब शासन से अस्थाई कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया है तो शिव विहार के करीब 150 और कनावनी के करीब 3000 परिवारों ने राहत की सांस ली है। इसकी जानकारी मिलते ही लोग ऊर्जा निगम के कार्यालय में कनेक्शन की प्रक्रिया के बारे में पता करने के लिए पहुंचने लगे हैं।
माना जा रहा है कि अस्थाई कनेक्शन देने से ऊर्जा निगम को हो रही राजस्व की हानि से राहत मिलेगी। ऊर्जा निगम जोन एक के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि शिव विहार के एक भी घर में बिजली कनेक्शन नहीं है। लोगों की घरों की छतों पर सोलर ऊर्जा लगी हुई है। अभी वह इसी से काम चला रहे हैं। निगम की मेन लाइन से कॉलोनी करीब 800 मीटर दूर है। लोगों को बिजली आपूर्ति कराने के लिए करीब 250 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर की आवश्यकता है। इसके अलावा खंभे, लाइन व अन्य संसाधनों पर कितना खर्च होगा, इसका पता सर्वे पूरा होने के बाद चलेगा।