एफओबी (फुटओवर ब्रिज) का निर्माण पूरा किए बिना ही विज्ञापन लगाने का मामला तूल पकड़ा तो अब निगम अफसरों ने संचालन करने वाली फर्मों को नोटिस जारी किए हैं।
जांच में सामने आया है कि अधिकांश कांट्रेक्टरों ने अनुबंध की शर्तों को पूरा नहीं किया। अधिकारियोें ने नोटिस का जवाब मिलने पर ब्रिज पर लगे अवैध विज्ञापन हटाने का दावा किया है।
शहर में 18 स्थानों पर नगर निगम ने फुटओवर ब्रिज बनाने का कांट्रेक्ट बीओटी (बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर) पैटर्न पर दिया था। इनमें 12 एफओबी का ठेका एक ही फर्म के पास है। इनका निर्माण करने वाली संस्थाओं को 15 से 20 साल विज्ञापन लगाने की अनुमति दी गई है।
संस्थाओं को इन पर बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट या एस्केलेटर भी लगाने थे। 18 में से 16 एफओबी बनकर तैयार हो चुके हैं। इन पर विज्ञापन लगाने भी शुरू कर दिए हैं, लेकिन लिफ्ट नहीं लगाई।
बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर पार्षदों के विरोध जताने पर नगर आयुक्त ने सर्वे कराकर अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने वाली फर्मों को चिह्नित कराया है। बीओटी प्रभारी व अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर अनुबंध निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। सोमवार से विज्ञापन हटाए जाएंगे।