लोनी। पचायरा गांव निवासी धर्मेंद्र तीनों दिनों बाद परिजनों को मेरठ में मिला। धर्मेद्र को दिल्ली और लोनी पुलिस के 5 गोताखोर दो दिनों तक यमुना नदी में तलाश करते रहे। धर्मेंद्र की बाइक, कपड़े और चप्पल यमुना किराने मिली थी। ट्रॉनिका सिटी थाना में गुमशुदगी दर्ज हुई थी।
पचायरा गांव निवासी धर्मेद्र (26) फैक्टरी में काम करते हैं। बीते मंगलवार को घर में मोबाइल रखकर कहीं चले गए थे। परिजन उसे तलाश करते हुए यमुना नदी किराने पहुंचे थे। यमुना नदी किनारे धर्मेंद्र की बाइक, कपड़े और चप्पल मिली थी। यमुना नदी में डूबने की आशंका के चलते दिल्ली और लोनी पुलिस उसे यमुना नदी में तलाश रही थी। दिल्ली और लोनी के 5 गोताखोर दो दिनों तक धर्मेंद्र को यमुना में तलाश करते रहे। लेकिन धर्मेंद्र कही नहीं मिला। परिजनों ने मामले में ट्रॉनिका सिटी थाने में धर्मेंद्र की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुक्रवार को परिजन धर्मेंद्र को तलाश करते हुए मेरठ पहुंचे। परिजनों को धर्मेंद्र मेरठ में मिला। परिजनों धर्मेंद्र को लेकर लोनी पहुंचे। सूचना पाकर पुलिस धर्मेंद्र के घर पहुंची। एसीपी लोनी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि धर्मेंद्र कुछ नहीं बता पा रहा है। वह कह रहा है कि वह कैसे मेरठ पहुंचा है, उसे नहीं पता है। ज्यादा सवाल करने पर धर्मेंद्र की तबीयत खराब हो रही थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।