गाजियाबाद। राजनगर स्थित एक मकान में बुधवार सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इसकी सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम घटनास्थल के बजाय पहले राजनगर एक्सटेंशन पहुंच गई। इससे राहत कार्य में देरी होने का आरोप लगाया गया है। दमकल को सूचना देने वाले का कहना है कि सूचना देने के करीब 25 मिनट बाद टीम मौके पर पहुंची, जबकि दमकल विभाग ने देरी के आरोप से इन्कार किया है।
जानकारी के अनुसार, राजनगर निवासी कारोबारी मुकेश कुमार गुप्ता के मकान संख्या 14/113 में सुबह करीब 10 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। आग मकान के भूतल पर रखे पुराने घरेलू सामान में लगी। आग लगते ही घर में मौजूद लोग सुरक्षित बाहर निकल आए।
बताया गया कि पड़ोसी ने इंटरनेट के माध्यम से दमकल विभाग का नंबर खोजकर नगर कोतवाली स्थित फायर स्टेशन को घटना की सूचना दी। उनका आरोप है कि सूचना देने के करीब 10 मिनट बाद जब उन्होंने दमकल टीम की स्थिति के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि टीम राजनगर के बजाय राजनगर एक्सटेंशन के लिए रवाना हो गई है। उनका कहना है कि मकान नंबर और सही लोकेशन साझा करने के बाद करीब 15 मिनट बाद टीम मौके पर पहुंची।
दमकल टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। हालांकि, तब तक भूतल पर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो चुका था। आग ऊपर के फ्लोर तक भी पहुंच गई थी।
सीएफओ ने देरी के आरोप से किया इन्कार
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल ने बताया कि सूचना के दौरान राजनगर और राजनगर एक्सटेंशन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी थी। शिकायत दर्ज करने वाले के अनुसार सूचना देने वाले ने राजनगर एक्सटेंशन बताया था। पते की स्थिति स्पष्ट होते ही टीम को सही स्थान पर रवाना कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के 17 मिनट के भीतर टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। साथ ही कलक्ट्रेट और स्वदेशी कंपाउंड में तैनात फायर टेंडर भी मौके पर भेजे गए थे।
केमिकल के ड्रम में लगी आग
कविनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कंपनी के बाहर रखे केमिकल से भरे ड्रम में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। दमकल टीम ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि शुरुआती जांच में आशंका है कि किसी ने बीड़ी या सिगरेट का जलता हुआ टुकड़ा ड्रम के पास फेंक दिया, जिससे केमिकल में आग लग गई।