मुआवजे की मांग पर 341 दिनों से धरने पर बैठे चार गांव के किसानों ने मंगलवार को गोविंदपुरम स्थित एनडीआरएफ का निर्माण कार्य रुकवा दिया। किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए नोटिस का हवाला भी दिया।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष राजवीर सिंह ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट ने मुआवजे के मामले में कोई भी निर्णय न होने तक जमीन पर किसी भी तरह के निर्माण कार्य नहीं करने का नोटिस दिया था।
बावजूद इसके दो दिन पूर्व गोविंदपुरम स्थित एनडीआरएफ ने बटालियन के पास वाली जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। किसानों ने मंगलवार को मौके पर पहुंच कर निर्माण कार्य कराए जाने का विरोध किया।
राजवीर सिंह ने बताया कि उनके विरोध पर एनडीआरएफ के अधिकारियों ने किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल व जिला प्रशासन के साथ बैठकर वार्ता करने तक निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस पर किसानों ने सहमति जताते हुए विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
उधर, एनडीआरएफ के कमांडेंट पीके श्रीवास्तव का कहना है कि हमें यह जमीन केंद्र सरक ार ने एलॉट की है, पांच साल से हम यहां रह रहे हैं। हमारे पास केंद्र सरक ार या मिनिस्ट्री की ओर से निर्माण कार्य रोकने के लिए कोई आदेश नहीं आया है।
इसलिए निर्माण कार्य जारी रहेगा। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष बिजेंद्र चौधरी, पार्षद हरीश चौधरी, हरेंद्र नेहरा, श्यामवीर सिंह, महावीर सिंह, राजेंद्र सिंह, उर्मिला, भगवती, शीला, पुनीता, आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।