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Ghaziabad News: कनावनी के किसानों ने प्राधिकरण की मनमानी के खिलाफ दिया धरना

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साहिबाबाद। प्राधिकरण की मनमानी के खिलाफ शुक्रवार को कनावनी गांव के करीब 200 से अधिक किसान एकजुट हुए और सांकेतिक धरना देकर अपनी नाराजगी जताई। किसानों का आरोप है कि वह लोग अपनी जमीन का मुआवजा देने के लिए गत 22 वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि नवंबर 2025 में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे अधिग्रहण को ही गलत बताया है।
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धरना-प्रदर्शन के दौरान मौजूद कैलाश नागर ने बताया कि वर्ष 2004 में ही गाजियाबाद प्राधिकरण ने उनके गांव की 229 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू की लेकिन मुआवजे के नाम पर कौड़ियों के दाम लगाए। इससे नाराज किसान कोर्ट चले गए और 22 वर्ष की लंबी लड़ाई के बाद फैसला भी आया। बावजूद इसके विकास प्राधिकरण गांव की जमीन का मुआवजा ग्रेटर नोएडा के एक गांव के हिसाब से लगा रहा है जबकि कनावनी गांव के जमीन का सर्किल रेट कहीं अधिक चल रहा है।
इसके बावजूद प्राधिकरण अपनी मनमानी किसानों पर थोप रहा है। किसानों ने स्पष्ट किया कि वह लोग किसी भी सूरत में प्राधिकरण की मनमानी नहीं चलने देंगे। किसान सतीश नागर ने कहा कि इस संबंध में वह लोग मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दे चुके हैं और मामले में स्वयं से जांच कराए जाने की मांग भी की। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि प्राधिकरण उनकी जमीनों पर ही एसटीपी प्लांट, कूड़ा घर और गंगाजल प्लांट बना रहा है लेकिन गांव के लोगों को इन सबका कोई भी लाभ नहीं दिया जा रहा। किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण उनकी जमीन महज 4500 वर्ग मीटर से लेना चाहता है जबकि गांव की जमीन का सर्किल रेट 55000 रुपये प्रति वर्ग मीटर चल रहा है। किसानों के सांकेतिक धरना की जानकारी पर जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से संपर्क कर सोमवार को उनके साथ बैठक कर मामले का हल निकालने का आश्वासन दिया है। धरना-प्रदर्शन में सतीश नागर, दीपक नागर, प्रवीण नागर, चतर सिंह, वीरपाल प्रधान आदि बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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