गाजियाबाद। डासना की गौरव एंक्लेव कॉलोनी में 50-50 वर्ग गज के दो मकान बेचने के नाम पर मां बेटों ने किसान से 20.38 लाख की ठगी कर ली। आरोपी एक मकान का बैनामा किसी दूसरे को करके रातोंरात फरार हो गए। बाद में किसान को पता चला कि आरोपी पहले भी अपने एक रिश्तेदार से इन्हीं मकानों को बेचने की एवज में धोखाधड़ी कर चुके हैं और जेल में बंद हैं। जबकि, मां अभी फरार है। परेशान होकर किसान ने मामले में वेवसिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इकला गांव निवासी किसान राज सिंह ने बताया कि चार माह पहले उनकी मुलाकात डासना गौरव एंकलेव निवासी दो सगे भाई अपिंद्र व अमित से हुई थी। आरोपियों ने कॉलोनी में अपने 50-50 वर्ग गज के दो मकान बताए और कहा कि वह उनको बेचना चाहते हैं। दोनों मकानों का सौदा 40 लाख रुपये में तय हुआ। 20.38 लाख रुपये उन्होंने आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए और 30 जनवरी को बैनामे की बात तय हुई। 30 जनवरी को जब वह अपिंद्र के घर पहुंचे तो वहां पता चला कि पूरा परिवार वहां से चला गया हैं। यह भी जानकारी मिली कि उन्होंने अपने रिश्तेदार से इन्हीं मकानों को बेचने के नाम पर ठगी की थी, जिसमें मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने उनको उस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि, आरोपियों की मां उर्मिला अभी फरार चल रही है। जब वह मकान देखने गए तो जानकारी हुई तो एक मकान का बैनामा उन्होंने किसी और को कर दिया है, जिसने वहां रहना भी शुरू कर दिया है। परेशान होकर उन्होंने मामले में डीसीपी ग्रामीण को शिकायत दी। डीसीपी के आदेश पर वेवसिटी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस बारे में एसीपी सलोनी अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। मामले में कठाेर कार्रवाई कराई जाएगी।
-लाइक, रिव्यू के नाम पर 4 चार लाख ठगे : निजी कंपनी में कार्यरत युवक को लाइक, रिव्यू करके मोटी कमाई होने का झांसा देकर ठगों ने चार लाख की चपत लगा दी। पीड़ित ने विजयनगर थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अंकित निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से मैसेज आया था। मैसेज पर क्लिक करते ही उनके सामने घर बैठे कमाई होने की लाइन लिखी थी। उसपर क्लिक करने पर आरोपियों ने उनसे इंस्टाग्राम पर आकर ग्रुप में जुड़ने को कहा। उनसे कहा गया कि लाइक और रिव्यू करने पर उनको कमाई होगी। एक बार करने पर 50 रुपये मिले। फिर आरोपियों ने कहा कि यदि वह इसमें निवेश करें तो और मोटी कमाई होगी। इसके बाद उन्होंने आरोपियों के खाते में चार लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब आरोपी लगातार पैसा जमा करने को कहते रहे तो उनको अपने साथ हुई ठगी का पता चला। एसीपी रविंद्र वर्मा ने बताया कि शिकायती पत्र को साइबर क्राइम को भेजा गया है।