फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमन के लिए आफत बनी कॉल: फर्जी एसओजी टीम ने फोन करवाकर बुलवाया, फिर लूटपाट कर पीटा, बाद में चलती कार से फेंका

Tue, 11 Jun 2024 06:24 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर

सार

पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनकी शिनाख्त निशांत, मोनू और शिवम के रूप में हुई। तीनों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बुलंदशहर में सोमवार को नगर के मोहल्ला इस्लामाबाद निवासी अमन ने कोतवाली नगर में तहरीर दी। जिसमें उसने बताया था कि गत नौ जून की सुबह करीब 11.30 बजे उसके साथी रवि उर्फ चिंटू ने उसे कॉल किया था। उसने कहा था कि वह अमेयश हॉस्पिटल के पास खड़ा हुआ है और बाइक नहीं है। इसलिए वह उसे आकर ले जाए। जिस पर पीड़ित ने रवि को लेने के लिए अपने साथी आरिश को भेज दिया। लेकिन, कुछ देर बाद फिर से रवि ने फोन किया कि बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया है। जिस पर पीड़ित खुद दूसरी बाइक लेकर मौके पर पहुंच गया। जहां, पहले से मौजूद शिवम, निशांत, गोरव और मोनू उर्फ पुष्पेंद्र निवासी चांदपुर मौजूद थे। जिन्होंने पीड़ित को बंधक बना लिया और मोनू के कार्यालय में लेकर बैठा दिया। 

विज्ञापन

 

आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित व उसके साथी आरिश और रवि के साथ लाठी व बेल्ट से मारपीट करनी शुरू कर दी। आरोपी इस दौरान खुद को एसओजी में तैनात पुलिसकर्मी बता रहे थे। साथ ही आरोपियों ने पीड़ित को छोड़ने की एवज में घर फोन कर दो लाख रुपये की मांग की। साथ ही आरोपियों ने पीड़ित के फोन से 11,300 रुपये, आरिश की जेब से 1300 रुपये लूट लिए।

इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के घर से फोन कर 15 हजार रुपये कैश भी मंगाया। इसके बाद आरोपियों ने तीनों को नशीला पदार्थ खिलाकर पेट्रोल पंप के पास चलती कार से फेंक दिया। इस संबंध में नगर कोतवाली पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। 
विज्ञापन

साथ ही बुधवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को महाराणा प्रताप चौराहे से कुछ दूरी पर गिरफ्तार कर लिया। जिनकी शिनाख्त निशांत, मोनू और शिवम के रूप में हुई। तीनों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी निशांत सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी का पुत्र है। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। जबकि आरोपी गौरव अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें