आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित व उसके साथी आरिश और रवि के साथ लाठी व बेल्ट से मारपीट करनी शुरू कर दी। आरोपी इस दौरान खुद को एसओजी में तैनात पुलिसकर्मी बता रहे थे। साथ ही आरोपियों ने पीड़ित को छोड़ने की एवज में घर फोन कर दो लाख रुपये की मांग की। साथ ही आरोपियों ने पीड़ित के फोन से 11,300 रुपये, आरिश की जेब से 1300 रुपये लूट लिए।
इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के घर से फोन कर 15 हजार रुपये कैश भी मंगाया। इसके बाद आरोपियों ने तीनों को नशीला पदार्थ खिलाकर पेट्रोल पंप के पास चलती कार से फेंक दिया। इस संबंध में नगर कोतवाली पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
साथ ही बुधवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को महाराणा प्रताप चौराहे से कुछ दूरी पर गिरफ्तार कर लिया। जिनकी शिनाख्त निशांत, मोनू और शिवम के रूप में हुई। तीनों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी निशांत सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी का पुत्र है। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। जबकि आरोपी गौरव अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।