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एक्सप्रेस ट्रेनों ने मुरादाबाद मेमू को बनाया ‘बैलगाड़ी’

Tue, 26 Apr 2016 01:33 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
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ट्रेन - फोटो : अमर उजाला
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मुरादाबाद-आनंद विहार और आनंद विहार-मेरठ रूट पर चलाई गई मेमू एक महीने में ही ‘बैलगाड़ी’ बन गई। एक्सप्रेस ट्रेनों ने मेमू की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सोमवार को मुरादाबाद से महज 25 मिनट की देरी से आनंद विहार के लिए रवाना हुई मेमू गाजियाबाद स्टेशन पर आते-आते 3:14 घंटे लेट हो गई।
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आनंद विहार से मेरठ के लिए यह ट्रेन 3:40 घंटे देरी से रवाना हुई। ऐसे में यात्रियों के लिए इस ट्रेन का कोई औचित्य नहीं रह गया। मुराबाद, हापुड़ से लोग गाजियाबाद और दिल्ली में सही समय पर ड्यूटी भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।

दरअसल, मुरादाबाद-दिल्ली रूट पर सुबह के समय एक्सप्रेस, राजधानी और शताब्दी ट्रेनों की संख्या ज्यादा है। रूट पर ट्रेनों की संख्या ज्यादा होने की वजह से एक्सप्रेस और वीआईपी ट्रेनों को प्राथमिकता पर आगे निकाला जाता है।
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इनके चक्कर में मुरादाबाद-मेमू को रोक दिया जाता है। सुबह 5:50 बजे की बजाय यह ट्रेन 9:06 बजे गाजियाबाद पहुंचनी थी, लेकिन यह 3:14 घंटे की देरी से 12:20 बजे पहुंची। आनंद विहार जाते-जाते 3:20 घंटे लेट हो गई।

आनंद विहार से मेरठ के लिए यह ट्रेन 9:45 की बजाय दोपहर 1:25 बजे रवाना हुई। गाजियाबाद स्टेशन पर यह ट्रेन 2:03 बजे पहुंची। मेरठ पहुंचते-पहुंचते 4:14 घंटे लेट हो गई। ऐसे में आनंद विहार से मुरादाबाद के लिए भी यह 5:45 बजे की बजाय 6:25 बजे रवाना हुई। ट्रेन की लेटलतीफी से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

लगातार देरी से पहुंची मेमू
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक मुरादाबाद से गाजियाबाद के रास्ते आनंद विहार पहुंचने वाली मेमू रोजाना लेट रही। 17 अप्रैल को यह ट्रेन गाजियाबाद स्टेशन पर सुबह 10:40 बजे, 18 अप्रैल को 11:45 बजे, 19 अप्रैल को दोपहर 1:06 बजे, 20 को 12:48 बजे, 21 अप्रैल को 11:19 बजे, 22 अप्रैल को दोपहर 1:58 बजे और सोमवार 25 अप्रैल को 12:20 बजे पहुंची।

दो दिन नहीं दौड़ी मेरठ रूट पर
लेटलतीफी की वजह से मेमू ट्रेन शनिवार और रविवार को आनंद विहार-मेरठ रूट पर नहीं दौड़ पायी। ज्यादा लेट चलने की वजह से रेलवे अफसरों ने इस रूट पर संचालन निरस्त कर दिया। ऐसे में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हालांकि सप्ताह के पहले दिन दैनिक यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए लेट होने के बावजूद रेलवे अधिकारियों ने इसका संचालन निरस्त नहीं किया।

गाजियाबाद-मेरठ रूट पर प्लेटफार्मों की ऊंचाई बढ़ाएगा रेलवे

 मेरठ रूट के स्टेशनों पर बने लो-हाईट प्लेटफार्मों की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। रेलवे इन प्लेटफार्म का निर्माण अब ईएमयू की ऊंचाई के मुताबिक करेगा। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने गाजियाबाद क्षेत्र में पड़ने वाले तीन स्टेशनों के चार प्लेटफार्म को ऊंचा किए जाने का प्रपोजल बनाकर डिवीजन को भेजा है।

करीब चार करोड़ के बजट से प्लेटफार्म को ऊंचा कर इन पर टीनशेड और अन्य यात्री सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। माना जा रहा है कि इसी साल में गाजियाबाद-मेरठ रूट पर यात्रियों को ईएमयू का तोहफा मिल सकता है।

गुलधर हाल्ट पर फिलहाल दोनों प्लेटफार्म लो-हाईट के हैं। दुहाई और मुरादनगर स्टेशन पर एक-एक प्लेटफार्म की ऊंचाई भी कम हैं। मेमू ट्रेन में चढ़ने के लिए कोच में सीढ़ियां लगी होती हैं, लेकिन प्लेटफार्म की ऊंचाई कम होने से महिलाओं और बच्चों को कोच में सवार होने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्लेटफार्म कम ऊंचाई के होने की वजह से इस रूट पर ईएमयू ट्रेन का संचालन नहीं हो सका। अब रेलवे के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने गुलधर, दुहाई और मुरादनगर के चार प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़ाने का प्रपोजल तैयार किया है।

रेलवे के एईएन ने बताया कि करीब चार करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर डिवीजन भेजा गया है। प्रस्ताव पास होने पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू किया जाएगा।

यात्री सुविधाओं से होंगे लैस
नए प्लेटफार्म बनाने के साथ-साथ रेलवे इन पर टीनशेड लगाएगा, ताकि गर्मी, सर्दी और बरसात से भी यात्री बच सके। इनके अलावा वाटर पोस्ट, बेंच, लाइटें भी लगाई जाएंगी। रेलवे के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से गुलधर हाल्ट पर भी सुविधाएं बढ़ जाएंगी। फिलहाल यहां सुविधाएं न होने से यात्रियों की संख्या भी कम हैं। 

वैशाली एक्सप्रेस ने क्रॉसिंग प्वाइंट तोड़ा, ड्राइवर समेत दो सस्पेंड

मानकनगर स्टेशन पर रविवार रात एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। कैफियत एक्सप्रेस के लिए हुए सिग्नल पर वैशाली एक्सप्रेस के ड्राइवर ने ट्रेन चला दी, जो क्रॉसिंग प्वाइंट तोड़ते हुए आगे बढ़ गई। दूसरी ओर कैफियत भी आगे बढ़ गई पर ड्राइवर ने मामले को भांपते हुए ब्रेक लगा दिए।

इस मामले में उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक ने ट्रेन के लोको पायलट अब्दुल शाहिद व सहायक लोको पायलट सोमवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘जे’ ग्रेड इनक्वायरी के आदेश दिए गए हैं। ‘जे’ ग्रेड इनक्वायरी में सीनियर लेवल के अफसर जांच-पड़ताल कर डीआरएम को रिपोर्ट सौंपते हैं।

ट्रेन संख्या 12553 वैशाली एक्सप्रेस रविवार रात 11.46 बजे मानकनगर स्टेशन की लाइन नंबर दो पर खड़ी थी। जबकि तीन नंबर पर गाड़ी संख्या 12225 कैफियत एक्सप्रेस खड़ी थी।

कंट्रोल रूम से कैफियत को चलाने के लिए निर्देश मिले। पर, वैशाली के ड्राइवर ने खुद के लिए सिग्नल समझकर 11.51 पर ट्रेन चला दी और क्रॉसिंग का प्वाइंट तोड़ते हुए आगे बढ़ गई। इससे ट्रेन पटरी से उतर सकती थी या पीछे से आ रही कैफियत एक्सप्रेस से टकरा सकती थी। डीआरएम एके लाहोटी ने बताया कि प्रथम दृष्टया इस मामले में चालक की गलती सामने आ रही है।

‘जे’ ग्रेड की इनक्वायरी कराई जाएगी। ताकि पूरी असलियत सामने आ सके। रेलवे की मेडिकल टीम ने ड्राइवर का ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट किया और तत्काल दूसरे ड्राइवर का बंदोबस्त कर ट्रेन रवाना की गई।

ट्रैक का नटबोल्ट खुला, दुर्घटनाग्रस्त होने से बची ईएमयू 
मोहन नगर फ्लाईओवर के नीचे दो रेलवे ट्रैक में लगा नटबोल्ट खुलने से पटरियों में गैप आ गया। इस दौरान यहां से गुजर रही ईएमयू दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी।

हालांकि तब तक ट्रेन के तीन कोच उस गैप के ऊपर से गुजर चुके थे। सूचना पर पहुंचे कर्मचारियों ने पटरी को रिपेयर कर ट्रेन को रवाना कराया। इस दौरान ट्रेन करीब 20 मिनट तक खड़ी रही।

सोमवार शाम करीब पांच बजे ईएमयू चौथे ट्रक पर आ रही थी। मोहन नगर फ्लाईओवर के पास ड्राइवर ने पटरियों में गैप देखा तो ट्रेन के ब्रेक लगा दिए। ड्राइवर ने इसकी सूचना साहिबाबाद स्टेशन पर अधिकारियों को दी।

कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो देखा कि दो पटरियों को जोड़ने वाले बोल्ट में से एक बोल्ट कटा हुआ था और दूसरा खुला था। इसकी वजह से पटरियों के बीच ज्यादा जगह बन गई थी। बोल्ट को टाइट कर ट्रेन को रवाना किया गया, इसके बाद अन्य बोल्ट लगाकर ट्रैक दुरुस्त किया।
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