नीरज
साहिबाबाद। अब निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड पर वाहन अगस्त में ही दौड़ पाएंगे। जीडीए ने जुलाई में रोड चालू करने का लक्ष्य तय किया है लेकिन पिछले 15 दिनों से रोड का काम ठप पड़ा है। दरअसल वैशाली में एनएच 24 के पास ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट करने के लिए शटडाउन मिलने में देरी हो रही है।
इसके चलते सड़क बिछाने वाली लांचर एक पखवाड़े से रुकी पड़ी है। उधर, अर्थला में भी दो जगहों पर लाइन शिफ्टिंग का मामला फंसा पड़ा है। राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट तक 10.3 किलोमीटर की दूरी में एलिवेटेड रोड का निर्माण जून 2014 में 1184 करोड की लागत से शुरू हुआ था। अप्रैल 2017 में इसे दौड़ाने का लक्ष्य तय किया गया था।
पिछले साल काम में तेजी आई तो जीडीए ने मई में इसे दिसंबर 2016 में दौड़ाने की घोषणा कर दी। बाद में हज हाउस के पास लाइन शिफ्टिंग के चलते काम अटकने से जीडीए ने इस साल फरवरी में रोड को चालू करने की तारीख आगे बढ़ाकर जुलाई कर दी। अब फिर से लाइन शिफ्टिंग के चलते ही काम फंस गया है।
इस बारे में एलिवेटेड रोड प्रभारी व अधिशासी अभियंता चक्रेश जैन ने रविवार को बताया कि राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट के बीच में दो जगहों पर लांचर लगाई गई है। वैशाली में एनएच से करीब आधा किलोमीटर पहले ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट किए जाने के लिए शटडाउन नहीं मिल पाया है, इस कारण वहां करीब 15 दिनों से लांचर आगे नहीं बढ़ पा रही है।
दूसरी लांचर हिंडन बैराज रोड पर निर्माणाधीन अंडरपास के निकट काम कर रही है। जून में यह लांचर अर्थला में पिलर संख्या 129 पर पहुंच जाएगी। वहां रेलवे की ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट किया जाना है। उन्होंने कहा कि जीडीए ने अब तक जुलाई में रोड चालू करने की तारीख तय कर रखी है लेकिन शिफ्टिंग के चलते इस तारीख का आगे खिसक सकती है।
वहीं जीडीए के विद्युत विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजीव सिंह ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट के बीच छह जगहों में से तीन जगहों पर ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट कर दिया गया है।
वैशाली में एनएच के पास 132 केवी की लाइन शिफ्टिंग के लिए 22 मार्च से पावर कारपोरेशन से छह दिनों का शटडाउन मांगा जा रहा है, जो अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि अर्थला में रेलवे की ट्रांसमिशन लाइन की शिफ्टिंग के लिए दो भूस्वामियों ने मुआवजे की मांग की है। उन्हें जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री को दी गई रोड के 86 फीसदी काम पूरे होने की जानकारी
जीडीए अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को लखनऊ में आवास विकास परिषद ने मुख्यमंत्री के सामने विकास कार्यों का प्रेजेंटेशन दिया। प्रजेंटेशन के लिए परिषद ने जीडीए से एलिवेटेड रोड की प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। अधिशासी अभियंता चक्रेश जैन ने बताया कि रोड के 86 फीसदी काम पूरे होने की जानकारी दी गई थी। साथ ही रोड की पूरी प्रगति रिपोर्ट दी गई थी। यह रिपोर्ट सीएम के सामने रखी गई।
फंड का कोई अभाव नहीं
जीडीए के वित्त नियंत्रक टीआर यादव ने बताया कि 1184 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के लिए धन का कोई अभाव नहीं है। एनसीआरपीबी ने एलिवेटेड रोड के लिए 700 करोड़ लोन मंजूर कर रखा है जिसमें से दो किश्तों में 420 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। तीसरी व आखिरी किश्त के रूप में 280 करोड़ और मिलने हैं। उन्होंने बताया कि यह भी संभव है कि उन्हें तीसरी किश्त लेने की जरूरत ही न पडे़। बता दें कि एलिवेटेड रोड के चालू होने से दिल्ली और गाजियाबाद की दूरी काफी घट जाएगी।