गाजियाबाद। केवाईसी (नो योर कस्टमर) और मोबाइल नंबर अपडेट न होने की वजह से जिले के सवा दो लाख उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी समस्या का समाधान न तो आपूर्ति विभाग और न ही एजेंंसी के स्तर पर हो पा रहा है।
जिले में 12 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ता हैं। इसमें सवा दो लाख उपभोक्ताओं की केवाईसी और मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हैं। एजेंसियों पर नंबर अपडेट और केवाईसी कराने के लिए कतारें लग रही हैं। एजेंसियों के सामने सर्वर धीमी गति से काम करने की समस्या आ रही है। इसी वजह से इन उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। सुल्तानपुर गैस एजेंसी के संचालक अमित चौधरी ने बताया कि तुरंत नंबर बदलने की प्रक्रिया अब बंद कर दी गई है। ऐसे में वे उपभोक्ता जिनका नंबर खो गया है या बंद हो गया है तो उनको नंबर अपडेट कराने के लिए तीन माह का इंतजार करना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नंबर तीन माह में अपडेट होगा। इसके बाद ही वह सिलिंडर के लिए बुक कर सकते हैं।
इतना ही नहीं, केवाईसी की प्रक्रिया भी बायोमीट्रिक कर दी गई है। ऐसे में इन उपभोक्ताओं के लिए अब ओटीपी भेजकर केवाईसी कराने की प्रक्रिया बंद हो गई है। इन उपभोक्ताओं को एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उधर, ऐसे उपभोक्ता जो ड्यूटी और अन्य जरूरी कार्यों से बाहर हैं, उनको भी केवाईसी कराने के लिए एजेेंसी पर जाना होगा। हालांकि, कंपनियों का दावा है कि उपभोक्ता स्वयं भी कर सकते हैं लेकिन इसकी प्रक्रिया जटिल होने के कारण उनको एजेंसियों का ही रूख करना पड़ता है।
इस बारे में जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि नंबर अपडेट और केवाईसी के लिए जो भी उपभोक्ता कार्यालय आ रहे हैं, उनको एजेंसी पर भेजकर औपचारिकता को पूरा कराया जा रहा है। इस वक्त ऐसे लोग भी केवाईसी या नंबर अपडेट कराने के लिए आ रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय से गैस नहीं ली है। 90 दिन में नंबर अपडेट करने का नियम कंपनियाें का है।