दर्ज मुकदमे में दीपा शर्मा ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2012 में हुई थी। शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष के लोग ताने मारने लगे। कुछ दिन बाद पति मारपीट करने लगा। कंपनी की तरफ से उनके पति को पहले हांगकांग और उसके बाद जकार्ता भेजा गया लेकिन कुश उन्हें कभी अपने साथ नहीं लेकर गया। यहां तक कि विदेश जाते समय वह उन्हें लखनऊ उनके मायके भेज देता था। सिंगापुर तबादला होने पर उनके ससुर ने सख्ती दिखाते हुए कुश से दीपा शर्मा को साथ ले जाने को कहा। तब आरोपी कुश उन्हें अपने साथ ले गया।
आरोप है कि यहां पति ने दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वर्ष 2021 में ससुर की मौत हो गई। इसके बाद सिंगापुर में ही सास, ननद और जेठ ने भी प्रताड़ना शुरू कर दी। इसके बाद वह इंदिरापुरम वापस लौट आईं। आरोप है कि 18 अगस्त को बेटे शुभ को स्कूल से लेकर घर आ रही थीं। घर पहुंचते ही पति ने मारपीट शुरू कर दी और मां-बेटे को घर से निकाल दिया। ब्यूरो