डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते कहर के चलते स्वास्थ्य विभाग के सभी डॉक्टर और स्टाफ की छुट्टियां कैंसल कर दी गई हैं। बुखार के मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उधर, बुखार का आलम यह है कि डॉक्टर, नर्स और अस्पताल का अन्य स्टाफ के कई कर्मचारी भी बुखार से पीड़ित हैं।
जिला एमएमजी अस्पताल की ही आठ स्टाफ नर्स बीमार चल रही हैं। इनमें सेे कुछ साधारण वायरल और कुछ चिकनगुनिया से पीड़ित हैं। इसके अलावा ब्लड बैंक, संक्रामक रोग विभाग के कई स्टाफ बीमार है। अस्पतालों में भी लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
एमएमजी और संयुक्त जिला अस्पताल को मिलाकर प्रतिदिन 3000 से अधिक मरीज आ रहे हैं। एमएमजी के सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने बताया कि स्टाफ नर्स की बीमारी की जानकारी सीएमओ को भेजी गई और अन्य कहीं से नर्स के व्यवस्था की मांग की गई है।
बदहवास हो रहे हैं मरीज
एमएमजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को दोपहर 2 बजे के बाद विजयनगर शांतिनगर निवासी दिनेश अपनी तीन साल की बेटी वंशिका को दिखाने के लिए लाए थे। वंशिका को काफी तेज बुखार था।
इमरजेंसी में पहले स्टाफ ने कहा कि डाक्टर नहीं है और भेज दिया। बच्ची को लेकर माता-पिता दोनों बदहवास हो गए और मां रोने लगे। इसी दौरान बाल रोग विशेषज्ञ वहां पहुंच गईं और बच्ची को इमरजेंसी में ले गईं। वहां बच्ची को भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया।
चिकनगुनिया के 24 और डेंगू के 6 मरीज मिले
इस बार चिकनगुनिया के मरीज सबसे अधिक मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी चिकनगुनिया के 93 सैंपल की जांच हुई। इनमें से 24 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके अलावा 44 डेंगू के सैंपल की जांच हुई, जिसमें से छह मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।