गाजियाबाद समेत 79 जिलों के सरकारी अस्पतालों में शासन की ओर से नए डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इन्हें 30 जनवरी तक कार्यभार संभाल लेना है। सभी जिलों में कुल 516 डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पतालों में मरीजों को कुछ राहत मिलेगी।
एक जनवरी को शासन की ओर से सभी चिकित्सकों की तैनाती का आदेश जारी हो गया है। सरकारी अस्पतालों के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की भारी कमी है, जिसकी वजह से मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता है। सबसे ज्यादा कमी विशेषज्ञ चिकित्सकों की हैं।
न्यूरो सर्जन, प्लास्टिक सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, गायनोकॉलॉजिस्ट आदि की कमी को पूरा कराने की मांग चली आ रही है। 16 दिसंबर 2016 को इन डॉक्टरों की नियुक्ति पर लोकसेवा आयोग की संस्तुति के बाद शासन ने एक जनवरी को तैनाती कर दी है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा अनुभाग अरुण सिन्हा की ओर से जारी आदेश में सभी को 30 जनवरी तक कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। इसके पहले उन्हें संबंधित मंडलीय चिकित्सा परिषद के समक्ष स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उपस्थित होना पड़ेगा।
चिकित्सकों को प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा नियमावली 2004 के तहत दो साल की परिवीक्षा पर रखा जाएगा।