जनपद के 50 से ज्यादा स्कूलों की हालत बिना बिजली के खराब है। बच्चे स्कूल जाने के नाम से ही रोने लगते हैं। बच्चों की बेबसी देखकर भी न तो कारपोरेशन अफसरों का दिल पसीज रहा है और न ही शासन से बजट उपलब्ध हो रहा है। कारपोरेशन और बेसिक शिक्षा विभागों की खींचतान में बच्चे गर्मी में आफत झेल रहे हैं।
गाजियाबाद। पावर कारपोरेशन ने बकाया बिल होने के चलते जिले के 50 से ज्यादा प्राइमरी स्कूलों की सप्लाई काट दी थी। तीस मार्च को बिजली कटने के बाद से स्कूलों में न तो पंखे चल रहे हैं और न ही सबमर्सिबल पंप। ऐसे में बच्चों को गर्मी में पसीना-पसीना होने के साथ ही पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। शासन से बजट जारी न होने के चलते बिल भुगतान नहीं हो पाया है।
सीन एक- कैला बालक माध्यमिक स्कूल- कैला भट्ठा। समय 11 बजे। बच्चों की संख्या 377।
बुधवार को 39 डिग्री सेल्सियस तापमान में कमरों में बैठे बच्चे पसीना-पसीना थे। बिजली कट जाने केकारण पंखे बंद थे। स्कूल में कई बच्चों ने आना भी बंद कर दिया। स्कूल पर कारपोरेशन ने 29 हजार से ज्यादा का बिल बनाकर भेजा है, जबकि बजट में केवल पांच हजार रुपये ही आए हैं। प्रधान अध्यापिका अंजू सिंह के अनुसार बच्चे एक हाथ में किताब लेकर हवा करते हैं। ऐसे में पढ़ाई कैसे कराएं? पूरे मामले की विभागीय अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।
सीन दो - प्राथमिक विद्यालय - नूर नगर। समय 12 बजे दोपहर। बच्चे 135।
पांच अप्रैल को स्कूल की बिजली कारपोरेशन अफसरों ने काट दी थी। कारपोरेशन ने 18 हजार रुपये का बिल भेजा है, जबकि बजट केवल तीन हजार का है। बिजली न होने से गर्मी में बच्चों की आफत है।
इसके साथ ही सबमर्सिबल पंप भी बंद पड़ा है। ऐसे में बच्चों को पीने का पानी भी नहीं मिल रहा है। बच्चों की प्यास बुझाने को अध्यापक आसपास के लोगों की मदद पर निर्भर हैं। पड़ोस से पाइप से पानी लाकर बच्चों को पिलाते हैं। अध्यापक शाहिद रजा का कहना है कि बिजली जुड़वाने का आग्रह किया गया है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
कारपोरेशन का रुख सख्त है। बकाएदारों के कनेक्शन कटवाकर रोजाना रिपोर्ट मांगी जा रही है। बकाया बिलों का भुगतान होने तक किसी का कनेक्शन नहीं जोड़ा जाएगा। - एसबी यादव, एसई महानगर।
गर्मी में बच्चों को बिना बिजली के नहीं रहने दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को विद्यालयों की सप्लाई भी जुड़वाई जाएगी और शासन से बिल भुगतान का बजट भी जारी कराया जाएगा। - विमल कुमार शर्मा, डीएम।