नगर निगम में अब एक ही ट्यूबवेल की मरम्मत बार-बार कागजों में नहीं दिखाई जा सकेगी। जलकल विभाग की महाप्रबंधक ने इसके लिए नई व्यवस्था बनाई है। अब जोन के सभी ट्यूबवेलों पर नंबर डाले जाएंगे और इनका ब्योरा क्षेत्र के अवर अभियंता रखेंगे। इसके बाद मरम्मत की डिटेल भी रजिस्टर में दर्ज की जाएगी।
अभी तक निगम में ट्यूबवेलों का रजिस्टर नहीं हैं। जलकल अधिकारियों को भी नहीं पता रहता कि किस ट्यूबवेल में कब मोटर डाली गई थी और उसकी कितनी बार मरम्मत हो चुकी है। ट्यूबवेलों पर नंबरिंग भी नहीं की गई है। ऐसे में 450 से ज्यादा ट्यूबवेलों का हिसाब रखना मुश्किल होता है।
इसी का फायदा उठाकर कांट्रेक्टर और कुछ अधिकारी मिलीभगत कर कागजों में ही ट्यूबवेलों का मेंटेनेंस दर्शा देते हैं और भुगतान करा दिया जाता है।जलकल विभाग में हाल ही में तैनात हुई महाप्रबंधक मंजू गुप्ता ने का कहना है कि रजिस्टर में ट्यूबवेलों का रिकार्ड होगा।
जब भी किसी ट्यूबवेल की मरम्मत होगी तो रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद कभी भी किसी ट्यूबवेल की हिस्ट्री देखी जा सकेगी। यह भी देखा जा सकेगा कि ट्यूबवेल में लगी मोटर कितने दिन तक कांट्रेक्टर की गारंटी में है।