फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: मोबाइल फोन नंबर की गलती से अटक रहीं जांच रिपोर्ट, अस्पतालों में फिर लग रही लाइन

विज्ञापन
संयुक्त अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
विज्ञापन
गाजियाबाद। सरकारी अस्पतालों में खून की जांच की रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था मरीजों के लिए राहत नहीं बन पा रही है। पंजीकरण के दौरान मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने से मरीजों के फोन पर जांच रिपोर्ट नहीं पहुंच रही है। ऐसे में उन्हें रिपोर्ट लेने के लिए दोबारा अस्पताल की लैब में लाइन लगानी पड़ रही है। इसके बाद ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए भी इंतजार करना पड़ता है। इससे मरीजों का समय बर्बाद होने के साथ इलाज में भी देरी हो रही है।
विज्ञापन

जिला एमएमजी अस्पताल में प्रतिदिन करीब 2500 और संयुक्त अस्पताल में लगभग 1200 मरीज पंजीकरण कराते हैं। पर्चा बनाते समय आभा नंबर के साथ आधार नंबर से संबंधित जानकारी दर्ज की जाती है। इसी दौरान मोबाइल नंबर में गलती होने से ऑनलाइन रिपोर्ट भेजने में परेशानी आ रही है। लैब प्रबंधन की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सीएमएस को लिखित रूप में समस्या से अवगत कराया गया है।
रिपोर्ट के लिए दोबारा खिड़की पर पहुंच रहे मरीज
ऑनलाइन रिपोर्ट नहीं मिलने पर मरीजों को अस्पताल की खिड़की पर पहुंचकर रिपोर्ट लेनी पड़ रही है। इससे जांच कराने और डॉक्टर को दिखाने के बीच का समय बढ़ जाता है। खासकर उन मरीजों को परेशानी होती है, जिन्हें जांच रिपोर्ट दिखाने के बाद ही चिकित्सक से परामर्श मिल पाता है।
विज्ञापन

एमएमजी अस्पताल में इलाज कराने आए छपरौला निवासी मरीज राहुल ने बताया कि जांच कराने के बाद मोबाइल फोन पर रिपोर्ट आने का इंतजार किया लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद अस्पताल आकर रिपोर्ट लेनी पड़ी। वहीं, संयुक्त अस्पताल में जांच कराने आई मयूर विहार निवासी मरीज सुनीता ने बताया कि रिपोर्ट के लिए दोबारा काउंटर पर लाइन में लगना पड़ा, जिससे इलाज में देरी हुई।
मोबाइल नंबर सही दर्ज करने के निर्देश
संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में शिकायत मिली है। पंजीकरण काउंटर पर कर्मचारियों को मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी सही तरीके से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरीजों को ऑनलाइन रिपोर्ट मिलने में परेशानी न हो। वहीं एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ.राकेश कुमार का कहना है कि कई मरीज ऐसे हैं जो मोबाइल नंबर नहीं देते हैं, उनकी रिपोर्ट नहीं जा पाती है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें