हज यात्रा का किराया भी ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। बैंक में डेबिट और क्रेडिट के जरिए भी हज यात्रा के किराए का भुगतान किया जा सकेगा। उधर, पूर्व की तरह ड्राफ्ट से भुगतान भी स्वीकार किया जाएगा। आगामी चार जनवरी से हज यात्रा के लिए आवेदन शुरू हो जाएंगे।
हज ऑफिसर तनवीर अहमद ने बताया कि चार जनवरी से हज के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन शुरू हो जाएंगे। 24 जनवरी तक लोग आवेदन कर सकेंगे। नोटबंदी से हाजियों को कोई परेशानी नहीं होगी। दरअसल, बीते सात वर्षों से ही हज यात्रा का किराया ड्राफ्ट के जरिए लिया जाता रहा है लेकिन इस बार ड्राफ्ट के साथ ही लोग डेबिट-क्रेडिट कार्ड के जरिए भी किराए का भुगतान कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि किराए की पहली किश्त का भुगतान हज जाने वालों की लॉटरी निकाले जाने के बाद कराना होगा। इससे पूर्व ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन में तीन सौ रुपये का ही खर्च आता है। गत वर्ष गाजियाबाद से 407 लोग हज पर गए थे। उन्होंने बताया कि नोटबंदी का हज यात्रा पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन सुविधा के तौर पर डेबिट और क्रेडिट से भुगतान भी शुरू किया जा रहा है।
हज यात्रा का कुल खर्च
हज यात्रा पर कुल खर्च 2 लाख 87 हजार रुपये का आता है। आवेदन के बाद लॉटरी में नाम आने पर पहली किश्त के तौर पर 81 हजार का भुगतान हज कमेटी को करना होता है। दूसरी किश्त हज यात्रा पर जाने से दस दिन पूर्व की जाती है। देरी होने पर फ्लाइट पर बैठने से पहले तक भी भुगतान लिया जाता है। जमा की गई रकम से हज यात्रियों को सऊदी अरब में खर्च के लिए रियाल उपलब्ध कराए जाते हैं।