कोरोना महामारी से बचाव के लिए बिबकॉल कंपनी में बनाई जाने वाली कोरोना वैक्सीन के निर्माण को सीनियर वाइस प्रेसीडेंट चंद्र बल्लभ बेंजवाल की असामयिक मृत्यु से झटका लगा है। कंपनी की स्थापना के बाद से चंद्र बल्लभ बेंजवाल ही प्रत्येक प्रोजेक्ट को लीड करते थे।
सोमवार को चोला स्थित बिककॉल कंपनी में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। चोला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बिबकॉल (भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड) को भारत सरकार ने वर्ष 1989 में स्थापित किया था।
इस दौरान सबसे पहले कंपनी को पोलियो वैक्सीन बनाने का जिम्मा दिया गया था। प्रतिवर्ष करीब 160 करोड़ डोज बनाने वाली कंपनी को अब सरकार ने कोरोना वैक्सीन बनाने का जिम्मा दिया गया था। प्रतिमाह करीब डेढ़ करोड़ डोज बनाने के लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया था।
वैक्सीन प्रोडक्शन के लिए लैब बनाने की तैयारियां चल रहीं थी, लेकिन कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट चंद्र बल्लभ बेंजवाल की मौत ने कंपनी के पदाधिकारियों व स्टाफ को गहरा आघात दिया है। अब वैक्सीन के निर्माण पर भी असर पड़ सकता है।