कैला भट्ठा में डेड ट्रैक पर नगर निगम ने सड़क बना दी। वार्ड-74 के क्षेत्र में करीब चार-पांच महीने पहले ही सड़क निर्माण कराया है। इसकी शिकायत रेलवे के उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो अब रेलवे इस सड़क को उखाड़कर अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए सोमवार को अभियान चलाएगा।
रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने आरपीएफ और घंटाघर कोतवाली से पुलिस बल मांगा है। उधर, स्थानीय पार्षद ने इसका विरोध किया है। सड़क उखाड़ने पर उन्होंने धरने की चेतावनी देकर डीएम और एसएसपी से अभियान पर रोक लगाने की मांग की है।
दरअसल, पूर्व में रेलवे की लाइन कैला भट्ठा, पीएसी चौक होकर मेरठ तक जाती थी। अब मेरठ रूट बदल दिया गया है। पुराने रूट पर रेलवे की पटरियां अभी भी बिछी हुई हैं।
आबादी के बीच आ जाने से रेलवे की जमीन पर भी अवैध निर्माण कर मकान बना लिए गए हैं। अब नगर निगम ने रेलवे लाइन के ऊपर ही सड़क का निर्माण करा दिया है। रेलवे अधिकारियों को मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने इससे कब्जा हटवाने का निर्णय लिया है।
रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने आरपीएफ और सिविल पुलिस को पत्र लिखकर सोमवार को फोर्स मांगा ह्रै। उधर, स्थानीय पार्षद जाकिर सैफी ने डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर सड़क न हटाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि 6 जून से रमजान शुरू होने हैं।
इस दौरान सड़क उखाड़ी गई तो रोजेदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना है कि रेलवे ने सड़क उखाड़ने का प्रयास किया तो शांति भंग हो सकती है। उधर, आरपीएफ के असिस्टेंट कमिश्नर आरबी प्रसाद का कहना है कि सिविल पुलिस और अधिकारियों के रहने पर ही अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा।