एनएच 24 से गुजरने वाले लाखों लोगों के लिए खुश खबरी है। एनएचएआई ने टोल टैक्स में 25 फीसदी छूट देने का फैसला लिया है। यह छूट दिसंबर या जनवरी से मिलने लगेगी। यही नहीं डासना टोल को यहां से शिफ्ट करके हापुड़ बाईपास पर ले जाया जाएगा। इससे गाजियाबाद के लोकल रेजिडेंट्स को भी टैक्स से राहत मिलेगी।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरपी सिंह ने शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ को बताया कि फिलहाल डासना टोल को खत्म करने की कोई योजना नहीं है, जहां से हापुड़ बाईपास शुरू होता है, वहां से करीब एक किलोमीटर आगे डासना टोल को शिफ्ट किया जाएगा।
यह निर्णय डासना से हापुड़ तक एनएच-24 चौड़ीकरण कार्य के चलते लिया गया है। 22.2 किलोमीटर की दूरी में यह सड़क दो सर्विस रोड के साथ 6 लेन चौड़ी होगी। शिफ्टिंग में छह महीने का समय लग सकता है।प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि दिसंबर या जनवरी से वाहन चालकों को डासना टोल पर 25 फीसद की छूट मिलेगी।
नियमानुसार एनएचएआई किसी भी टोल को पूरी तरह फ्री नहीं करता है।कुल लागत निकल आने पर टोल टैक्स में 60 फीसदी छूट देने का प्रावधान है, लेकिन अभी इसकी इतनी ही लागत निकल पाई है कि 25 फीसदी तक छूट दी जा सके। एनएचएआई ने 2002 में 29 किलोमीटर की लंबाई में डासना टोल प्लाजा पर 164 करोड़ रुपए खर्च किए थे।
निर्माण से लेकर अब तक इसकी मरम्मत व रखरखाव पर 33 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।हापुड़ बाईपास से करीब 35 किलोमीटर दूर ब्रजघाट में एनएचएआई का एक टोल पहले से ही है। हापुड़ बाईपास पर डासना टोल को शिफ्ट किए जाने के बाद हापुड़ जिले में दो टोल हो जाएंगे। एक जिले में दो टोल होने पर इसका विरोध होना भी तय है।
जनरल वीके सिंह टोल खत्म कराने का कर रहे प्रयास
डासना टोल प्लाजा को समाप्त कराए जाने का मामला स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह तक भी पहुंच गया है। वीके सिंह ने बताया कि टोल की मियाद अगर समाप्त हो चुकी है तो उसे खत्म हो जाना चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने एनएचएआई और विरोध कर रहे लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करने का फैसला किया है। बैठक की तारीख अभी तय नहीं है, मगर इसी माह यह बैठक बुलाई जाएगी।