साहिबाबाद (गाजियाबाद)। टीला मोड़ थानाक्षेत्र के रिस्तल गांव स्थित कामधेनु डेयरी फार्म में कर्मचारी सुनील उर्फ मामा (45) की कुल्हाड़ी से हत्या करने के आरोप में सहकर्मी दुखराज उर्फ हीरा उर्फ अर्जुन को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूलरूप से मिर्जापुर के हलिया थानाक्षेत्र स्थित गौरवा गांव का निवासी है। तीन फरवरी की रात डेयरी फार्म में गोबर उठाने और दूध की केन साफ करने को लेकर हुए विवाद हुआ था। उसी के बाद आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद शव के पास खड़े होकर बीड़ी पी थी और गुमराह करने के लिए दूसरे कमरे में सो गया था।
एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी दुखराज वर्ष 2017 से सत्यप्रकाश कसाना के श्रीजी कामधेनु डेयरी फार्म में काम करता था। करीब छह माह पहले सुनील भी वही पर नौकरी करने लगा। आरोपी ने बताया कि करीब एक माह पहले उसका मोबाइल खोने पर सुनील से कहासुनी हुई थी। इसके बाद सुनील अपने रिश्तेदार के घर दिल्ली चला गया। दो दिन बाद जब वह वापस आया तो दूध की केन धोने और गाय का गोबर एकत्र करने पर झगड़ा हो गया। इसकी शिकायत फार्म मालिक से की, लेकिन उन्होंने अनदेखा कर दिया। तीन फरवरी की रात सुनील गांव में ही दावत खाने गया था। जब वह लौटा तो दोनों में एक बार फिर गाली-गलौज हो गई। इस दौरान सुनील के डांटने पर वह फार्म से चला गया। रात करीब एक बजे वह वापस आया। मगर जब तक सुनील सो चुका था और कमरे की लाइट भी बंद थी। उसने सुनील के कमरे में ही रखी कुल्हाड़ी उठाकर चेहरे के दाहिनी तरफ वार किया। हमला इतना तेज था कि माथे की हड्डी तक कट गई थी। इसके बाद कई बार हमला किया गया।
हत्या के बाद पी बीड़ी, दूसरे कमरे में सोया
कुल्हाड़ी से हत्या के बाद वह घबरा गया था और तनाव में आने के बाद शव के पास खड़े होकर ही उसने लगातार दो बीड़ी पी। इसके बाद उसने अपने आप को बचाने के लिए पड़ोस के कमरे में जाकर सो गया। पुलिस को जब घटना का पता चला तो शव के पास ही कुल्हाड़ी रखी मिली। पुलिस को संदेह हुआ कि कुल्हाड़ी नहीं लेकर गबा। वहीं, अन्य दिन सुबह 4 बजे ही नींद से उठ जाता था और घटना के दिन मालिक को दिखाने के लिए देर से उठा। मगर पुलिस की संख्ती से चंद मिनट में ही आरोपी ने वारदात को कबूल लिया।
एसीपी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सुनील की हत्या का आरोपी दुखराज को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी को पहले ही बरामद कर लिया था। हत्यारोपी का सुनील से कई बार विवाद हो गया था। इसलिए उसकी हत्या कर दी।