गाजियाबाद। साइबर हमले के बाद बरती जा रही एहतियात के बीच मंगलवार को शहर के अधिकांश एटीएम आउट ऑफ सर्विस रहे। शहर में कुछ एटीएम में कनेक्टिविटी नहीं थी तो कुछ में करेंसी ही नहीं डाली गई थी। इस बीच अधिकांश एटीएम से पैसा न निकल पाने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बीच माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक एटीएम से करेंसी निकालने में दिक्कत आएगी। क्योंकि अब सभी बैंकों को अपने एटीएम को अपग्रेड करने होंगे। मंगलवार को आरडीसी, मालीवाड़ा, होली चाइल्ड चौराहा, राजनगर से लेकर अन्य प्रमुख जगहों पर स्थित एटीएम से नोट नहीं निकल पाए।
तमाम एटीएम खुल जरूर रहे, लेकिन सर्विस में न होने के कारण उनसे किसी तरह की निकासी नहीं हो सकी। उधर, राजनगर में ही कुछ प्राइवेट बैंकों के एटीएम से निकासी होती रही। जिले में 500 से अधिक एटीएम संचालित है, जिनमें से करीब 60 फीसदी में कनेक्टिविटी नहीं थी।
बताया जा रहा है कि बैंकों ने साइबर हमले की आशंका के बीच एटीएम की कनेक्टिविटी बंद कर दी है। ऐसे में अब माना जा रहा है कि बैंकों को हर पुराने एटीएम को अपग्रेड करना होगा। क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट एक्सपी ऑपरेटिंग सिस्टम पर संचालित होने वाले एटीएम को आसानी से हैक किया जा सकता है।
इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) की तरफ से भी अंदेशा जाता जा चुका है कि पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम को साइबर हमले से सबसे ज्यादा खतरा है, क्योंकि उसे आसानी से हैक किया जा सकता है।
एसबीआई के सभी एटीएम अपग्रेड
नोटबंदी के बाद से एसबीआई ने अपने एटीएम को अपग्रेड करने के लिए काफी काम किया है। बैंक के रीजनल मैनेजर एसके गोयल कहते हैं कि जिले में बैंक के 78 एटीएम संचालित है जिनमें सभी के अंदर विंडोज का अपग्रेड ऑपरेटिंग सिस्टम लगाया गया है। इसलिए हमारे किसी भी एटीएम को कोई खतरा नहीं है और सभी सुचारु रूप से संचालित हैं।
एक्सपी पर संचालित एटीएम को खतरा
जिले में संचालित होने वाले ऐसे एटीएम की संख्या काफी ज्यादा है, जो माइक्रोसॉफ्ट एक्सपी पर संचालित होते हैं। बताया जा रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट ने साल 2014 में ही इसका सिक्टोरिटी अपग्रेड देना बंद कर दिया है। अब बैंक एटीएम अपग्रेड करने के लिए निवेश करने से बचना चाहते हैं क्योंकि बैंकों का मानना है कि अब लोग धीरे-धीरे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को अपनाने लगेंगे।