गाजियाबाद। नोएडा प्राधिकरण के टेंडर घोटाले में 24 मई को सीबीआई कोर्ट में बचाव पक्ष जिरह करेगा। मंगलवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तत्कालीन लेखाधिकारी टीएन गुप्ता से केस से संबंधित जानकारी ली।
सीबीआई के लोक अभियोजक ने बताया कि वर्ष 33 केवी लाइन बिछाने में हुई 54 लाख 28 हजार की गड़बड़ी में सीबीआई ने आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। इसमें यादव सिंह के साथ नोएडा अथॉरिटी के 10 अफसरों और निजी कंपनी के नाम है। सीबीआई ने बताया कि यादव सिंह के इशारे पर वर्ष 2007 से लेकर 12 तक जावेद अहमद की गुल इंजीनियरिंग कंपनी को इलेक्ट्रिकल वर्क के करोड़ों रुपये के टेंडर गलत तरीके से दिए गए थे। इसमें जावेद अहमद और यादव सिंह समेत शामिल लोगों ने घोटाला किया था। वर्ष 2014 में भी यादव सिंह के इशारे पर जावेद अहमद की गुल इंजीनियरिंग कंपनी को करोड़ों के टेंडर दिए गए थे।
यह था मामला
सीबीआई ने 30 जुलाई को 2015 को 1000 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले में यादव सिंह समेत 11 लोग और तीन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद फरवरी 2016 में गिरफ्तार किया था। इस मामले में यादव सिंह समेत 11 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने 50 लाख से अधिक का नुकसान पहुंचाने में आरोप पत्र दाखिल किया है।