संजय नगर सेक्टर-23 में बुधवार को दिनदहाड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक युवक की गोली मार कर हत्या कर दी। इससे हड़कंप मच गया। हमलावरों का सुराग नहीं लग सका है। कविनगर पुलिस वारदात की वजह रंजिश मान रही है। मृतक विशाल सिंह (23) शांति नगर गुलधर फ्री होल्ड एरिया संजयनगर सेक्टर-23 का रहने वाला था।
वह दिल्ली में आईटीसी कंपनी में जॉब करता था। दोपहर करीब डेढ़ बजे वह कंपनी जाने के लिए घर से पैदल निकला था। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि बसंत कुंजके पास खाली पड़े प्लाट के नजदीक बाइक पर आए दो युवकों ने उसे बात करने के लिए रोका।
इस बीच ही एक अन्य युवक आया और उसने विशाल के सिर की बाईं ओर दो गोलियां मार दीं। इसके बाद तीनों एक बाइक पर सवार होकर वहां से भाग गए। इससे सनसनी फैल गई। आस पास के लोगों ने पुलिस को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। घटनास्थल से पुलिस को .32 बोर के दो खोखे मिले हैं।
एसपी सिटी सलमान ताज का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनका कहना है कि शुरुआती जांच में मामला रंजिशन लग रहा है। इस संबंध में मृतक के पिता शीशपाल ने कविनगर थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
धीरज हत्याकांड के आरोपी वरुण का भाई है विशाल
एसएचओ कविनगर हेमंत राय ने बताया कि 25 जून 2016 को सदरपुर गांव में प्रॉपर्टी के लिए धीरज चौधरी और उनके पिता पर बदमाशों ने फायरिंग की थी, जिसमें धीरज की मौत हो गई थी। कविनगर पुलिस ने खुलासा करते हुए 29 जून को धीरज के ममेरे भाई वरुण को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा हत्या में शामिल रहे वरुण की पत्नी और जीजा मोनू को बाद में गिरफ्तार किया था। वहीं हत्या का मुख्य आरोपी और यूपी पुलिस का पूर्व सिपाही जयदीप सिरोही अभी तक पुलिस पकड़ से दूर है। पुलिस की मानें तो आरोपी मोनू हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया है, वहीं वरुण अभी भी जेल में है।
एसएचओ ने बताया कि पुलिस इस मामले में दो एंगल पर जांच कर रही है। पहला, धीरज हत्याकांड से तो तार जुड़े हुए नहीं हैं और दूसरे कुछ शराब माफियाओं का नाम भी प्रकाश में आ रहे हैं। बता दें कि जयदीप सिरोही की बेटी नेशनल तैराक सायरा सिरोही ने 24 जनवरी 2016 की रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
उसने यह कदम क्यों उठाया था, ये अभी तक रहस्य बना हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस समय यह वारदात हुई, उस समय पास के एक प्राइवेट स्कूल में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के मद्देनजर राष्ट्रगान हो रहा था।
गोलियां चलने की आवाज सुनने के बाद स्कूल के टीचर और अन्य कर्मचारी बाहर आ गए। उन्होंने देखा कि बाइक सवार तीन हमलावर भाग रहे हैं। इसके बाद स्कूल की छुट्टी कर दी गई।