बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले स्कूलों की अब खैर नहीं। फायर विभाग से एनओसी नहीं लेने और एनओसी रिन्यू नहीं कराने वाले स्कूलों की विभाग सूची तैयार करने में जुटा है। जल्द ही जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा विभाग और डीआईओएस के साथ मिलकर इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी बढ़ने के साथ ही स्कूलों में आग की घटनाएं हो रही हैं। बावजूद इसके स्कूल प्रबंधन बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। टीएचए के कुछ ही स्कूलों ने फायर विभाग से एनओसी ले रखी है। बाकी अन्य स्कूल नियमों को ताक पर रखकर बच्चों की जान खतरे में डाल रहे हैं, जबकि प्रशासन भी चुप है।
टीएचए के ज्यादातर स्कूलों ने फायर सेफ्टी विभाग से एनओसी ही नहीं ली है। यदि एनओसी ली भी गई है तो उसे रिन्यू नहीं कराया गया है। ऐसे स्कूलों की फायर सेफ्टी विभाग ने सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। अब इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार वैशाली जोन के 13 स्कूलों ने ही एनओसी रिन्यू कराई है और तीन स्कूलों की एनओसी में आपत्तियां हैं। बाकी स्कूल बिना एनओसी के चल रहे हैं। सीएफओ अक्षय रंजन ने बताया कि जिन स्कूलों ने एनओसी नहीं ली है या रिन्यू नहीं कराई है। उन स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है।
इस संबंध में आलाधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ मिलकर स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे। अधीक्षण अभियंता एमसी शर्मा ने बताया कि गर्मी में ओवर लोडिंग होने से ज्यादा आग लगती है। एसी भी इसका एक मुख्य कारण है। साथ ही शार्ट सर्किट की घटनाएं हो रही हैं।
बरतें सावधानी
- ओवर लोडिंग से बचें
- आईएसआई मार्क के तारों का प्रयोग करें
- आधुनिक विद्युत उपकरण प्रयोग करें
- सभी को अग्रिशमन उपकरण चलाना आना चाहिए
- स्कूलों में ओपन एरिया ज्यादा होना चाहिए
हाल ही में लगी आग की घटनाएं
- आशा दीप फांउडेशन के शेल्टर होम में लगी आग
- फादर एग्रेल स्कूल बस में लगी आग
- वसुंधरा सेक्टर पांच स्थित सेनफोर्ट प्ले स्कूल में लगी आग
- वेलबीइंग स्कूल में आग लगी, बाल बाल बचे 120 बच्चे