होलिका दहन से पहले कैला भट्ठा क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने फिजा बिगाड़ने की कोशिश की। कुछ लोगों ने गोशाला फाटक के पास लगाई गई होलिका एक दिन पहले ही जला दी। शनिवार रात में होलिका जला दी गई तो सुबह होते ही हड़कंप मच गया। लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया।
स्थानीय पार्षद और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया और पूजन से पहले दोबारा होली लगाई गई।वाल्मीकि समाज के लोगों ने गोशाला फाटक के पास होलिका लगाई हुई थी। रविवार को पूजन से पहले सुबह छह बजे लोगों ने देखा तो होलिका नहीं थी। असामाजिक तत्वों ने रात को ही होलिका जला दी थी। उन्होंने विरोध शुरू कर दिया।
घंटाघर कोतवाली पुलिस और स्थानीय पार्षद जाकिर सैफी को इसकी सूचना दी गई। त्योहार पर फिजा बिगड़ने की आशंका से पुलिस में भी हड़कंप मच गया। स्थानीय पार्षद ने लोगों को शांत कराया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस ने लकड़ियां मंगाकर एक घंटे में होलिका दोबारा तैयार करा दी और मामले को शांत कर दिया।
पुलिस और पार्षद की सूझबूझ से बवाल होते-होते बच गया। राजनगर सेक्टर-9 की पूजन के दौरान जलाए गए दीपक से दोपहर में ही होलिका जल गई। इससे लोगों में आक्रोश था। सूचना पर सेक्टर-9 चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक पूजा के दीपक से होलिका के फूस-पराली ने आग पकड़ ली, इसकी वजह से दिन में ही होलिका जल गई।
हालांकि चर्चा यह भी रही कि किसी असामाजिक तत्व ने जानबूझकर ऐसा कर दिया।