रेलवे का ठेका लेकर धोखाधड़ी करने के आरोप में एक फैक्ट्री मालिक समेत तीन आरोपियों को जेएम सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया है। जुडिशियल मजिस्ट्रेट चेतना सिंह ने तीनों को डेढ़-डेढ़ साल कैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सजा के बाद तीनों दोषियों को कोर्ट से ही जमानत दे दी गई।
सीबीआई की ओर से इस मामले में लोक अभियोजक अमजद अली ने पैरवी की थी। मामला कादराबाद स्थित मोदीनगर रबर मिल कंपनी का है। लोक अभियोजक के अनुसार वर्ष 1984 में रेलवे ने अपने एक काम का ठेका इसी कंपनी को दिया था, मगर कंपनी ने इस कार्य में हेराफेरी करके रेलवे को करीब साढे़ चार लाख रुपये का चूना लगा दिया।
देहरादून सीबीआई में यह मामला दर्ज किया गया था। 1992 में सीबीआई ने इस मामले में कंपनी मालिक प्रमोद कुमार जैन के अलावा कंपनी के ही दो इंप्लाई एसके मल्होत्रा और एएस मित्तल के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।
सोमवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद जेएम सीबीआई चेतना सिंह ने तीनों को दोषी करार देते हुए उन्हें डेढ़-डेढ़ साल कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही तीनों आरोपियों के अधिवक्ताओं ने उनकी जमानत अर्जी कोर्ट में पेश कर दी। इसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए तीनों को जमानत दे दी।