बैंक से लोन लेकर करीब सात करोड़ रुपये की हेराफेरी करने वाले एक ठग को कविनगर पुलिस ने राजनगर सेंट्रल पार्क से गिरफ्तार किया है। उसने बैंक की नकली एनओसी बनाकर हेराफेरी की घटना को अंजाम दिया था।
पकड़ा गया आरोपी विकास नरूला है। वह राजनगर सेक्टर आठ में 19 नंबर कोठी में परिवार के साथ रहता है। विकास और उसके भाई नवयुग मार्किट में एलजी का एक शोरूम चलाते हैं। विकास ने 2014 में कैपिटल फर्स्ट इंडिया सेमी गवर्नमेंट बैंक से अपनी राजनगर सेक्टर आठ स्थित कोठी को गिरवी रखकर करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये का लोन लिया था।
इसके बदले बैंक को सात लाख रुपये महीना किस्त देना तय हुआ था। विकास ने बैंक को चार माह तक तो किस्त दी, इसके बाद उसने 2015 में इसी कोठी को दोबारा बेचते हुए बैंक की फर्जी एनओसी और एक लेटर पैड पर लिखा कि बैंक का केवल 50 लाख रुपये बकाया है।
कविनगर एसएचओ ने बताया कि विकास ने यह कोठी नवयुग मार्केट निवासी शिवकुमार और उनकी पत्नी को ज्वाइंट एग्रीमेंट कर दो करोड़ 56 लाख रुपये में बेच दी। शिवकुमार को पता चला कि कोठी के बदले विकास ने पहले ही लोन ले रखा है, तो उसने कविनगर थाने में विकास, विजय, ज्योति और प्रेमरानी के खिलाफ 16 जुलाई को केस दर्ज कराया था। तीन आरोपी भागे हुए हैं।