काली कमाई से कुबेर बने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे अथारिटी के चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह ने सोने के लिए तख्त की मांग सीबीआई कोर्ट से की है। डासना जेल में बंद आरोपी ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा है कि उसे स्लिप डिस्क और कमर दर्द की शिकायत है। विशेष न्यायाधीश राजेश चौधरी ने डासना जेल प्रशासन से आख्या मांगी है।
अर्जी पर कोर्ट 29 नवंबर को फैसला लेगी।करोड़ों के घोटाले के आरोप में यादव सिंह डासना जेल में बंद है। अपने अधिवक्ता जेपी शर्मा के माध्यम से कोर्ट में पेश की गई अर्जी में यादव सिंह ने बताया है कि उसकी उम्र करीब 57 साल है और वह विगत करीब 9 माह से जेल में बंद है। जेल की बैरक में फर्श पर सोने से उसे बैक पेन की शिकायत हो गई है।
उसे स्लिप डिस्क की शिकायत है। सुबह सोकर उठने के दौरान कमर ‘अकड़ी’ रहती है और हड्डियों में खिंचाव सा होता है।कमर दर्द के चलते 2 जुलाई 2016 को एमएमजी अस्पताल के तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने जांच की थी। इस बोर्ड में फिजिशियन डा. आरपी सिंह, कार्डियोलॉजिस्ट डा. एस. कात्याल और आर्थोसर्जन डा. रविंद्र सिंह शामिल थे।
मेडिकल बोर्ड ने भी उन्हें हार्ड बेड (तख्त) पर सोने की सलाह दी है।यादव सिंह के अधिवक्ता जेपी शर्मा ने बताया कि कमर दर्द की परेशानी को देखते हुए उनके मुवक्किल ने सीबीआई विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में अर्जी लगाकर मांग की है कि उसे जेल की बैरक में सोने के लिए तख्त दिया जाए।