मुरादनगर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने अंतर्राज्यीय गिरोह के दो लुटेरों को गिरफ्तार कर करीब दो माह पहले स्क्रैप कारोबारी के घर हुई 40 लाख की डकैती का पर्दाफाश कर दिया है। लुटेरों के पास से लूटे गए 30 हजार रुपये (500 के पुराने नोट), वारदात में इस्तेमाल दो तमंचे और कार बरामद की गई है।
कारोबारी के एक करीबी ने ही रेकी कर डाका डलवाया था, हालांकि वह और गैंग का सरगना समेत पांच बदमाश अभी पुलिस पकड़ से दूर हैं। इसके अलावा लूटी गई ज्वैलरी और बाकी का कैश अभी नहीं मिला है।
एसएसपी दीपक कुमार ने प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि पकड़े गए बदमाशों में शंकर उर्फ अमन और मुबारिक बागपत के थाना बड़ौत के गांव लुहारी के रहने वाले हैं। मुरादनगर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक सूचना पर इन्हें बुधवार को चुंगी नंबर तीन के पास से दबोचा।
इन दोनों पर मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना, मेरठ के जानी, बागपत के सिंघावली अहीर, शामली के कांधला और मुरादनगर में डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के एक दर्जन केस दर्ज हैं। 4 अक्तूबर को गैंगस्टर में जेल से छूटने के बाद इन्होंने डकैती की साजिश रची थी।
एसएसपी ने बताया कि इस गैंग का लीडर और रेकी करने वाले कारोबारी के करीबी की तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनके पास से ही लूटी गई बाकी की ज्वैलरी और कैश मिलने की संभावना है। वारदात का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
बता दें कि 16 अक्तूबर की रात मुरादनगर इंदिरापुरी निवासी शाहिद अहमद के घर डकैती डाली गई थी। शाहिद का नोएडा में स्क्रैप का कारोबार है। लुटेरे डायमंड-सोने की ज्वैलरी-साढ़े सात लाख कैश, सीसीटीवी की डीवीआर, स्कूटी और बाइक लूटकर ले गए थे।
विरोध करने पर परिवार के साथ मारपीट की थी। एक महिला को 100 रुपये भी देकर गए थे और बिरयानी भी खाई थी। लूटी गई स्कूटी को बदमाश रास्ते में छोड़ गए थे, जिसे अगले दिन ही बरामद कर लिया गया था।
पहले पुलिस घटना को फर्जी मान रही थी, बाद में रिपोर्ट भी चोरी में दर्ज की थी। हालांकि थाने पर हंगामे और एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद डकैती की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उस समय बदमाशों की संख्या 12-15 बताई गई थी, अब पुलिस 6-7 बता रही है।
रेकी कर चांद रात में डालते थे डाका
मुरादनगर में स्क्रैप कारोबारी के घर डाका डालने वाले रेकी कर चांद रात को ही वारदात करते थे। इन्हें अंधविश्वास है कि ऐसा करने पर वह वारदात करने में सफल होंगे।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए यह गैंग मोबाइल इस्तेमाल नहीं करता है।
साथ ही हर वारदात के बाद अगली लूट करने के लिए गैंग लीडर बाकी अधिकांश सदस्यों को बदल देता था ताकि पुलिस उस तक न पहुंच सके। फुलप्रूफ साजिश रचने के बाद ही वारदात करते थे। लोकल इंटेलीजेंस और मुखबिरों के जरिए ही पुलिस इन तक पहुंच पाई। इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस से इस केस में ज्यादा मदद नहीं मिली।
इस गैंग ने 24 अक्तूबर की रात ग्राम धौलडी, मेरठ में डकैती डाली थी। इसके अलावा 14 नवंबर को अमीनगर बागपत में सराफ के घर में लूट की थी, जिसमें लूटी गई ज्वैलरी आदि 50 लाख से ज्यादा कीमत की होने का अनुमान है। यह गैंग वेस्ट यूपी, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में वारदात करता है।
मेरठ के हैं गैंग लीडर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गैंग लीडर मेरठ जिले के रहने वाले हैं। इनमें एक शाहिद उर्फ लंगड़ा है और दूसरा शाहिद उर्फ कबूतर। शाहिद उर्फ कबूतर ने ही इन दोनों को दूसरी वारदात करने के लिए मुरादनगर में चुंगी नंबर तीन पर बुलाया था और स्क्रैप कारोबारी के घर हुई डकैती में हिस्से के बचे हुए पैसे दिए थे।
तीन राज्यों में फैला है गिरोह का नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डकैती की वारदात शादाब गैंग कर रहा था। गैंग लीडर शादाब फिलहाल मेरठ जेल में है। गिरोह को शाहिद लंगड़ा चला रहा है। वह सहारनपुर पुलिस के हाथ से फिसल गया। गिरोह का नेटवर्क वेस्ट यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा में भी है।