बिजनौर के पूर्व सीएमओ और लखनऊ के एक दवा कारोबारी समेत तीन लोगों पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा चलेगा। सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने बुधवार को तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जफ्रेम की कार्रवाई कर दी। साक्ष्य पेश करने के लिए कोर्ट ने अब 18 मई की तारीख नियत की है।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह ने बताया कि वर्ष 2007-08 के दौरान एनआरएचएम फंड से सरकारी अस्पताल के लिए दवाओं की खरीद-फरोख्त की गई थी। इसमें फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग करते हुए बाजार भाव से महंगी कीमत पर दवाएं खरीदी गईं।
इस गोरखधंधे में बिजनौर में तैनात तत्कालीन सीएमओ परिवार कल्याण डा. बीआर राठी, एआरओ एमएम मल्होत्रा और लखनऊ स्थित मेसर्स मेडिसन महल फर्म केप्रोपराइटर संजय अग्रवाल ने आपराधिक षडयंत्र रचकर सरकार को करीब 3.46 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया।
लोक अभियोजक ने बताया कि सीबीआई इस मामले में चार्जशीट कोर्ट में पेश कर चुकी थी। बुधवार को विशेष न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा चलाने के आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मानते हुए चार्जफ्रेम की कार्रवाई कर दी।