आवास विकास की मंडोला विहार आवासीय योजना में मुआवजे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन की कड़ी में किसानों ने अब पलायन की तैयारी कर ली है। रविवार को किसानों ने प्रशासन को वार्ता के लिए शाम सात बजे तक समय दिया था, मगर किसानों की चेतावनी प्रशासन पर बेअसर रही।
वार्ता करने को जब कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा तो नाराज किसानों ने गांव से पलायन के लिए अपना सामान बांधना शुरू कर दिया है। किसानों की माने तो सोमवार से वह पलायन शुरू कर देंगे।
मंडोला समेत छह गांवों के किसानों ने शाम सात बजे के बाद अपने घरों का सामान बांधना शुरू कर दिया है। बुग्गी और गाडियों में सामान रखे जा रहे हैं। सोमवार नौ बजे वे गांव छोडकर निकल जाएंगे। हालांकि वह कहां जाएंगे, यह अभी तय नहीं किया है। तीन दिन के भीतर पूरा गांव पलायन करेगा।
किसानों का कहना है कि पलायन करने वाले परिवारों के घरों की जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी। यदि उनके घरों को हानि पहुंचती है, तो उसके लिए जिम्मेदार प्रशासन होगा।
इससे पहले किसानों ने मंडोला गांव के गंगा फार्म हाउस में सुबह नौ बजे मीटिंग की। करीब दो घंटे तक चली मीटिंग में किसानों ने मौजूद लोगों को मनवीर तेवतिया के संदेश से अवगत कराया। उन्होंने सभी गांव में शांति बनाए रखने की बात कही है।
मीटिंग में मनवीर तेवतिया पर लगे गाजियाबाद में एंट्री के प्रतिबंध को हटाने, गांव के लोगों के खिलाफ हुए मुकदमे को खत्म करने और मुचलके वापसी की मांग की गई। इसे लेकर शाम सात बजे तक शांति वार्ता करने का पुरजोर समर्थन किया गया।
मीटिंग में प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर किसानों ने मांगपत्र को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचाया।
‘किसानों की किसी मांग की जानकारी नहीं है। मंडोला आवासीय योजना का काम किसी कीमत पर रुकने नहीं दिया जाएगा। योजना में लेबर कैंप आयोजित कर गांव के लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।
कुछ शरारती तत्व योजना का विरोध कर लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा।’ - मिनिस्ती एस. डीएम गाजियाबाद