जब तक लोग आग बुझाने का प्रयास करते इलाके में बनी करीब 200 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। अग्निशमन की दो गाड़ियों ने करीब चार घंटे में आग बुझाई। आग से झुग्गियों में रहने वाले करीब 200 परिवारों ने खुले आसमान के नीचे रात गुजारी। प्रशासन की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिली।
भोपुरा के खाली मैदान में करीब 200 परिवार झुग्गियां बनाकर रहते हैं। यहां कई कबाड़ गोदाम भी हैं। शनिवार रात को एक झुग्गी में खाना बनाने के दौरान सिलेंडर रेग्युलेटर से गैस लीकेज ने आग पकड़ ली। लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, जिससे आग और फैल गई।
आग की लपटें आसपास बने मकानों की छतों से भी ऊंची उठने लगीं। सीएफओ अक्षय रंजन ने बताया कि झुग्गियों और कबाड़ के गोदाम के आसपास पालिथीन फैली होने से आग बुझाने में दिक्कत आई।
उधर, लोगों ने आरोप लगाया कि रात करीब साढ़े आठ बजे सूचना देने के बाद करीब 10 बजे दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब तक सभी झुग्गियां आग की चपेट में आ चुकी थीं। आग की सूचना के बावजूद कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
200 परिवारों ने रात खुले आसमान के नीचे गुजारी और रविवार दिन में कड़ी धूप में झुलसते रहे। इनमें काफी तादाद में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। लोगों ने बताया कि आग में उनकी सारी जमा पूंजी जल गई।