नोटबंदी के बाद कैशलेस ट्रांजेक्शन पर हर किसी का जोर है लेकिन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में भी खतरे कम नहीं हैं। अगर आपने पूरी सावधानी नहीं बरती तो कैशलेस ट्रांजेक्शन आपको कंगाल बना सकता है। हैकर्स चुटकियों में आपके स्मार्टफोन को हैक कर आपकी गाढ़ी कमाई उड़ा सकते हैं। ऐसे में जरूरत है कि पूरी सावधानी से ऑनलाइन पेमेंट की जाए।
नोटबंदी के बाद पेटीएम, फ्री चार्ज और मोबिक्विक जैसे ऑलाइन वॉलेट आपके साथ दुकानदारों की भी जरूरत बन गए हैं। साथ ही कई बैंकों ने भी अपने ई-वॉलेट शुरू कर दिए हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनुराग शुक्ला कहते हैं कि कैशलेस ट्रांजेक्शन के दौरान जरूरी सावधानी बरत कर हम हैकर्स और नुकसान से बच सकते हैं।
स्मार्टफोन में इंटरनेट संबंधी एहतियात
अगर आप ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं तो आपके स्मार्टफोन का सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेट होना चाहिए। जितना पुराना सॉफ्टवेयर होगा खतरा उतना अधिक रहेगा। साथ ही इंटरनेट का सिक्योर कनेक्शन बेहद जरूरी है।
आपके स्मार्टफोन का इंटरनेट ब्राउजर अपडेट होने के साथ ही सिक्योर कनेक्शन के लिए यूआरएल में एचटीटीपीएस लिखा होना बेहद जरूरी है, ऐसा नहीं है तो आप हैकर्स का निशाना बन सकते हैं। स्मार्टफोन में जमा होने वाली कैशे मेमोरी को साफ करते रहें, इसे साथ ही ब्राउसर हिस्ट्री को भी साफ रखें।
ऐसा नहीं करने पर कैशे मेमोरी से आपके एकाउंट और ट्रांजेक्शन की जानकारी हासिल की जा सकती है। एप में बेवजह आने वाले विज्ञापनों के पॉप अप या मैसेज पर क्लिक न करें। इसे क्लिक करते ही आप हैकिंग का शिकार बन सकते हैं।
ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त डिजिटल सर्टिफिकेशन का ध्यान रखें। यूआरएल में हरा सिक्योरिटी साइन आता है तो आप सुरक्षित हैं, अगर साइन लाल है तो खतरा है। इसके साथ ही स्पैम ईमेल न खोलें। इनमें वायरस हो सकता है और आपकी डिटेल हैकर के पास पहुंच सकती है।
स्मार्टफोन से कैशलेस ट्रांजेक्शन में रखें इन बातों का ध्यान
1. वेरिफाइड एप ही डाउनलोड करें। थर्ड पार्टी एप डाउनलोड न करें। किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले एप स्टोर में दी गई उसकी रेटिंग को जरूर देखें। बेहतर रेटिंग वाले एप ही डाउनलोड करें।
2. वाईफाई और हॉट स्पॉट को पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखें। इसके साथ ही आने मोबाइल पर भी लॉक लगा कर रखें, जिससे कोई भी इंटरनेट के माध्यम से आपके मोबाइल के अंदर नहीं जा सके, इसके साथ ही मोबाइल चोरी हो जाने की स्थिति में कोई आपके ई-वॉलेट का प्रयोग नहीं कर सके।
3. पब्लिक नेटवर्क पर वाईफाई का इस्तेमाल कर कोई भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन न करें। पब्लिक नेटवर्क पर आपके फोन की प्राइवेट इन्फार्मेशन हैक होने की ज्यादा आशंका रहती है।
4. पब्लिक वाईफाई नेटवर्क पर सोशल साइट्स का इस्तेमाल न करें। इसके जरिए हैकर्स आपकी पर्सनल इन्फार्मेशन लेकर ठगी कर सकते हैं।
5. पेटीएम, फ्री चार्ज और मोबिक्विक आदि पेमेंट एप से भुगतान करते वक्त दुकानदार की जानकारी ध्यान से भरें और एक से दो बार चेक भी करें।
दुकानदार से भी वेरिफाई कराएं, जिससे किसी दूसरे के पास आपका पैसा नहीं चला जाए। इसके साथ ही इन पेमेंट एप में फुटकर खर्चों के लिए कम धनराशि ही रखें।
6. क्विक पेमेंट के लिए डेबिट या क्रेडिट कार्ड का नंबर, सीसीवी नंबर, एक्सपायरी डेट को किसी भी ऑनलाइन शॉपिंग एप या पेमेंट एप में सेव न करें। पेमेंट करने के लिए हर बार जानकारी भरें।
7. ऑनलाइन पेमेंट के लिए ओटीपी या पिन का इस्तेमाल करने के बजाय अपनी बैंक की वेबसाइट पर जाकर थ्रीडी सिक्योर पासवर्ड बनाएं, जिससे आपका ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पूरी तरह सिक्योर रहे।
8. ऑनलाइन खरीदारी के लिए ऐसे एकाउंट के डेबिट कार्ड का प्रयोग करें, जिसमें कम रकम हो। अधिक रकम वाले एकाउंट के डेबिट कार्ड का प्रयोग नहीं करें। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो उसकी लिमिट कम रखवाएं।