जीडीए सुपरवाइजर राजन सिंह का इकलौता बेटा मोहित (18) रहस्यमय हालात में गायब हो गया है। वह चौधरी छबीलदास पब्लिक स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र है। सिहानी गेट कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है। परिजन मोहित को अगवा किए जाने का भी अंदेशा जता रहे हैं।
राजन सिंह पटेल नगर द्वितीय में रहते हैं। वह उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनके एक बेटा-बेटी हैं। बेटी डीयू की छात्रा है जबकि मोहित ने इसी वर्ष 12वीं की परीक्षा दी है। दो माह से वह घर पर ही था।
बुधवार सुबह 11 बजे वह घर से साइबर कैफे पर गेम खेलने जाने की बात कहकर निकला था, इसके बाद वापस नहीं लौटा। देर शाम उसकी तलाश शुरू की गई। रात तक वह नहीं मिला तो बृहस्पतिवार को गुमशुदगी दर्ज कराई गई। परिजनों ने मोहित की सकुशल बरामदगी की मांग की है।
इकलौते बेटे के गायब होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने उसे अगवा किए जाने का भी अंदेशा जताया है। मोहित के पास एक मोबाइल भी है, लेकिन उसमें सिमकार्र्ड न होने की वजह से सर्विलांस टीम को मदद नहीं मिल रही है।
साइबर कैफे संचालक से पूछताछ करने पर पता चला कि मोहित वहां नहीं पहुंचा था। सीओ द्वितीय मनीष मिश्रा ने बताया कि छात्र की तलाश की जा रही है, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
छात्र के घर मिली थी स्मार्ट वॉच
तीन मई को छबीलदास स्कूल में तीन छात्रों ने बम होने की फर्जी सूचना दी थी। सूचना स्मार्ट वॉच से कॉल कर दी गई थी। एसएचओ सिहानी गेट अवनीश गौतम ने बताया कि यह स्मार्ट वॉच छात्रों ने फेंक दी थी, जिसे पुलिस ने मोहित के घर से बरामद की थी।
मोहित के पिता राजन ने बताया कि स्मार्ट वॉच उन्हें पार्क में मिली थी, जिसे उन्होंने मोहित को दे दिया था। बाद में उन्होंने ही मोहित से लेकर स्मार्ट वॉच पुलिस को दी थी।