गाजियाबाद। नगर कोतवाली पुलिस और एसओजी ने अवैध पिस्टल बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार कर इनसे तीन पिस्टल बरामद हुई हैं, जिनमें दो .32 बोर की हैं और एक नाइन एमएम की।
इनकी निशानदेही पर फैक्ट्री से 600 अर्धनिर्मित पिस्टल की मैगजीन, असलहा बनाने के उपकरण और दो कारतूस भी मिले हैं। यह हथियार विधानसभा चुनाव केमद्देनजर तैयार किए जा रहे थे, जो वेस्ट यूपी, उत्तरांचल और पूर्वांचल में सप्लाई होने थे।
एसएसपी दीपक कुमार ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पकड़े गए बदमाश सुलेमान निवासी दक्षिणी इस्लामाबाद लिसाड़ी गेट मेरठ और सुनील कुमार शताब्दीपुरम कविनगर हैं। इन्हें हापुड़ मोड़ से दबोचा गया।
सुलेमान पहले भी थाना लिसाड़ी गेट से अवैध असलहा बनाने के मामले में जेल जा चुका है। वह हथियार बनाता और फिर उन्हें सुनील के जरिए बिकवाता था। सुलेमान गन हाउस में काम कर लोगों से ताल्लुकात बनाता है, ताकि अवैध असलहे बेच सके।
इसका हिस्ट्रीशीटर भाई समीर मेरठ जेल में बंद है, जबकि दूसरा भाई बिलाल भी हथियार बनाने में माहिर है। एसएसपी ने बताया कि इन असलहों का विधानसभा चुनाव के दौरान दहशत फैलाने के लिए इस्तेमाल होने की सूचना थी।
दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर फिर से पूछताछ की जाएगी, ताकि इनके गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। बता दें कि 13 जनवरी को मसूरी पुलिस ने भी अवैध हथियारों की खेप पकड़ी थी।
70 हजार से एक लाख रुपये तक बेचते थे मेड इन यूएसए लिखी पिस्टल
गाजियाबाद। अवैध हथियार तैयार कर उनकी ऑन डिमांड सप्लाई करने वाला यह गैंग 70 हजार से एक लाख रुपये तक पिस्टल बेचता था। पिस्टल पर मेड इन यूएसए लिखते थे, ताकि कोई कंट्री मेड और फैक्ट्री मेड का फर्क न कर सके।
एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि कुछ दिन से इस गैंग के बारे में सूचनाएं मिल रही थीं। योजना के तहत एसओजी टीम के सदस्य ने पिस्टल खरीदने का झांसा देकर इनसे संपर्क किया। पिस्टल देने के लिए दोनों आरोपी हापुड़ मोड़ आए तो पुलिस ने इन्हें दबोच लिया।
उन्होंने बताया कि हथियार सप्लाई करने के लिए तस्कर रिक्शे में ले जाते थे, ताकि कोई उन पर संदेह न कर सके। पुलिस का दावा है कि यह गैंग कई सालों से इस धंधे में लगा हुआ है। इनकेगैंग के कई और लोग भी शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
इन्हें इतनी बड़ी खेप तैयार करने के लिए किसने ऑर्डर दिया था, उसके बारे में भी जानकारी की जा रही है। सुरागरसी के लिए इनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और डायरी भी चेक की जाएंगी।
लिसाड़ी गेट पुलिस की नाक के नीचे बना रहे थे हथियार
यह गैंग लिसाड़ी गेट पुलिस की नाक के नीचे रिहायशी इलाके में अवैध हथियार तैयार कर रहा था। हालांकि मेरठ पुलिस सुलेमान और इसके भाइयों को पहले जेल भेज चुकी है, मगर इन्होंने असलहे बनाना नहीं छोड़ा। जेल से छूट कर आते ही फिर से यह गोरखधंधा शुरू कर देते थे।