औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 में शुक्रवार सुबह ट्राई साइकिल बनाने की फैक्ट्री में आग लग गई। सूचना पर दमकल की 15 गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फैक्ट्री में आग से लाखों का माल जल गया। गनीमत रही कि उस वक्त फैक्ट्री में कोई कर्मचारी नहीं था।
औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 के 49/61 में अनिल काचरू की सिद्ध ट्राई साइकिल्स नाम से फैक्ट्री है। जिसमें बच्चों की साइकिल, ट्राइसाइकिल, प्लास्टिक की अलमारी आदि बनाने का काम होता है। सुबह करीब साढ़े आठ बजे फैक्ट्री के बेसमेंट में अचानक आग लग गई।
फैक्ट्री में तैनात गार्ड राजू ने इसकी सूचना फैक्ट्री मालिक और अग्रिशमन विभाग को दी। उसने कुछ लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, मगर आग फैलती चली गई। करीब आधे घंटे बाद दमकल की चार गाड़ियां पहुंची।
बढ़ती आग देखकर कोतवाली से तीन, मोदीनगर से तीन और नोएडा से पांच और गाड़ियों को बुलाया गया। मौके पर पहुंची 15 गाड़ियां आग को काबू करने में जुट गई। करीब छह घंटे बाद दोपहर करीब तीन बजे आग पर काबू पाया जा सका। सीएफओ अक्षय रंजन ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी नहीं चला है।
बताया कि लिफ्ट की तरफ से तेजी से आग फैली, जिससे लग रहा है कि लिफ्ट ऑन करने के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ होगा। उन्होंने बताया कि तीन माह पहले ही फैक्ट्री खुली थी। फैक्ट्री को फायर विभाग से एनओसी भी नहीं थी।
टीन शेड की बाउंड्री तोड़कर बुझाई आग
फैक्ट्री को चारों तरफ से लोहे की टीन शेड लगाकर कवर किया गया है। बेसमेंट से आग की लपटें साइड में बची खाली जगह तक आ रही थी। इसकी वजह से दमकलकर्मी बेसमेंट में पानी नहीं डाल पा रहे थे। आग को बढ़ता देखकर दमकल कर्मियों ने फैक्ट्री की बाउंड्री तोड़ दी।
फिर तीन तरफ से बेसमेंट में पानी डाला गया। जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।फैक्ट्री में सुबह नौ से रात नौ बजे तक काम होता है। सुबह साढ़े आठ बजे कर्मचारियों की एंट्री शुरू हो जाती है। शुक्रवार को भी कर्मचारी फैक्ट्री पहुंच गए थे।
वह एंट्री के लिए बाहर खड़े थे और उनकी पांच मिनट में एंट्री होने वाली थी, लेकिन इसी बीच फैक्ट्री में आग लग गई। गनीमत रही कि कोई भी कर्मचारी फैक्ट्री में नहीं था। अगर कर्मचारी फैक्ट्री में होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पिछले साल भी फैक्ट्री में लगी थी आग
पिछले साल भी इस फैक्ट्री में आग लगी थी। उस दौरान फैक्ट्री में अगरबत्ती बनाने का कार्य चल रहा था। आग लगने के दौरान कर्मचारी अंदर फंस गए थे। आग की चपेट में एक मजदूर की मौत हो गई थी। जबकि तीन गंभीर घायल हुए थे। कई मजदूरों को क्रेन से फैक्ट्री से बाहर निकाला गया था।
इस घटना के बाद फैक्ट्री बंद हो गई थी। तीन माह पहले फैक्ट्री फिर शुरू की गई और इस बार ट्राई साइकिल बनाई जा रही थी। फैक्ट्री प्रबंधन के एक पदाधिकारी ने बताया कि आग से लाखों का माल जल गया, जिसका आंकलन किया जा रहा है।