गोविंदपुरम में ऑटो चालक ने महिला डॉक्टर और उनके सात साल को बेटे को ‘अगवा’ करने की कोशिश की। 10 मिनट तक उन्हें रैश ड्राइविंग कर सुनसान सड़क पर घुमाता रहा। उन्होंने शोर मचाया तो चालक उन्हें और बेटे को ऑटो से धक्का देकर गिरा गया। बाद में उन्होंने ट्रैफिक कांस्टेबल की मदद से पीछा कर आरोपी को पकड़ने की भी कोशिश की, मगर सफल नहीं हो सकीं।
वाकया मंगलवार रात करीब नौ बजे का है। नेहरूनगर में रहने वाली डॉक्टर वैशाली गोविंदपुरम से बेटे के साथ लौट रही थीं। उन्होंने हापुड़ चुंगी तक के लिए ऑटो किया। ऑटो में चालक के अलावा और कोई नहीं था।
वैशाली ने बताया कि थोड़ी दूर चलते ही चालक ने ऑटो को सुनसान सड़क की तरफ मोड़ दिया। उनकेविरोध करने केबावजूद वह अनसुना कर उन्हें इधर-उधर घुमाता रहा तो उन्होंने शोर मचा दिया।
आवाज सुनकर एक बाइक सवार ने ऑटो का पीछा किया तो चालक ने उनसे गाली-गलौज की। चिरंजीव विहार कट के पास उन्हें और बेटे को धक्का देकर ऑटो से गिरा दिया और हापुड़ चुंगी की तरफ भाग गया।
इस दौरान वहां भीड़ लग गई। बाइक सवार की मदद से वह हापुड़ चुंगी पहुंची और वहां मौजूद ट्रैफिक कांस्टेबल को घटना के बारे में बताया। ऑटो चालक को ढूंढने ट्रैफिक कांस्टेबल उनके साथ पुराना बस अड्डा आया।
इस दौरान एक ऑटो में उन्हें आरोपी चालक दिख गया। उन्होंने उसे पकड़ लिया और शोर मचा दिया। लेकिन जब तक कांस्टेबल उनके पास पहुंचा, तब तक वह उन्हें धक्का देकर फिर भाग निकला। इस बार सड़क पर गिरने से वह जख्मी हो गईं।
कोशिश के बाद भी वह ऑटो का पूरा नंबर नहीं नोट कर सकीं। आधा नंबर ही नोट कर पाईं। रात में उन्होंने कविनगर थाने में तहरीर दी और बुधवार सुबह एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार से शिकायत की। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि उन्होंने ट्रैफिक इंस्पेक्टर को जांच सौंपी है।
आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि ऑटो में वारदात रोकने केलिए पुलिस सैकड़ों ऑटो को यूनीक नंबर भी दे चुकी है, फिर भी वारदात हो रही हैं।
ऑटो से सफर में बरतें यह सावधानियां
- ऑटो का नंबर नोट कर लें
- संदेह लगे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
- देर रात ऑटो में अकेले सफर करने से बचें