ते थे और जिस फ्लैट के बाहर ताला लगा दिखता था, उसे निशाना बनाते थे। 22 चोरियों का खुलासा कर इनसे करीब 10 लाख की ज्वैलरी, 50 हजार नगद, एलसीडी, कुकर, कार और अन्य सामान बरामद किया गया है।
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि पकड़े गए चोर कमल निवासी नंदग्राम, महेंद्र निवासी विजय विहार दिल्ली, ललित निवासी रूपनगर दिल्ली हैं। ललित उर्फ लोकेश कमल का साला है। इन्हें चेकिंग के दौरान सोमवार रात वसुंधरा कट से पकड़ा गया।
वर्ष 2005 में मंगोलपुरी, दिल्ली में एक व्यक्ति की हत्या की कोशिश के मामले में तीनों चार वर्ष से तिहाड़ जेल में बंद थे। करीब तीन माह पहले जेल से छूटने के बाद ट्रांस हिंडन के घरों को निशाना बना रहे थे। तीनों वर्ष 1999 से अपराध की दुनिया में हैं।
सीओ ने बताया कि कोई इन्हें बिल्डिंग में घुसते देखता तो यह खुद को प्लंबर बताते थे। चोरी का माल बेचकर मौज मस्ती करते थे। बरामद कार चोरी के रुपयों से ही खरीदी गई है। जिन घरों के दरवाजों पर इंटरलॉक होता था, वहां चोरी नहीं करते थे। सीओ ने लोगों से इंटरलॉक की प्रयोग करने की अपील की।
थाने में लोगों की भीड़
चोरों के पकड़े जाने की सूचना पर बड़ी संख्या में चोरी का शिकार हुए लोग थाना इंदिरापुरम पहुंचे और माल की पहचान करने लगे। चोरों से पूछताछ में वसुंधरा, इंदिरापुरम, लाजपत नगर समेत कुल 22 चोरियों का खुलासा हुआ है।
हाल ही में लाजपत नगर में दिल्ली पुलिस की सब इंस्पेक्टर के घर हुई लाखों की चोरी भी तीनों ने की थी। चोरी की घटना सीसीटीवी में कैद हुई थी। फुटेज में तीनों आसानी से पहचान में आ रहे हैं। 1999 से अब तक करीब 100 चोरियों को अंजाम दे चुके हैं।
कोई दिखा खुश, कोई निराश
7 मई 2016 को चोरी हुई थी। चोर पकड़े जाने की सूचना मिली तो थाने आए हैं, मगर घर से चुराए गहने और लैपटॉप नहीं हैं। - पूजा रानी, वसुंधरा सेक्टर-5
28 अप्रैल 2016 को घर में चोरी हुई थी। कुछ गहने ऐसे लग रहे हैं, जैसे घर से चोरी हुए थे। पूरी तो नहीं, मगर कुछ ज्वैलरी मिलने से खुश हूं। - पीपी सिंह, वसुंधरा सेक्टर-1