रईसपुर में सिपाही मोहित कुमार (30) ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह बुलंदशहर के सलेमपुर थाने में मुंशी के पद पर तैनात था। वह सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था। दरोगा की परीक्षा भी दे चुका था, लेकिन नंबर न आने के कारण डिप्रेशन में रहता था।
पुलिस के मुताबिक, मोहित रईसपुर गांव में पिता रामनरेश और मां के साथ रहता था। रामनरेश सिंह सरकारी कांट्रेक्टर हैं। वह अविवाहित था, वर्ष 2005 में यूपी पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। इन दिनों उसने नौकरी से एक साल की छुट्टी पढ़ाई के लिए ली हुई थी। तीन माह पहले वह सलमेपुर थाने से छुट्टी लेकर घर आ गया था।
मंगलवार को घर पर वह और उसकी मां थे। पिता किसी काम से बाहर गए थे। मोहित प्रथम तल पर पढ़ाई कर रहा था। शाम को पिता घर लौटे और बेटे से मिलने पहुंचे तो उसे रस्सी से बने फंदे पर छत के पंखे पर लटका पाया। परिजनों ने उसे फंदे से नीचे उतारा और कोलंबिया एशिया अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
परिजनों ने बताया कि मनोज परिवार में इकलौता बेटा था। वह दरोगा पद की भर्ती के लिए परीक्षा दे चुका था, लेकिन नंबर नहीं आया था। इन दिनों सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था।
कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने के बाद भी नंबर न आने के कारण वह परेशान रहता था। अंदेशा है कि इसी वजह से डिप्रेशन में आकर उसने सुसाइड किया है। एसएचओ कविनगर ने बताया कि सुसाइड की वजह का पता नहीं चल पाया है। सुसाइड नोट नहीं मिला है, जांच की जा रही है।