ऑफिस के लिए जा रहे वाणिज्य कर विभाग के क्लर्क की हापुड़ से गाजियाबाद की ओर आने वाली ट्रेन की चपेट में आने से संदिग्ध हालत में मौत हो गई। कविनगर पुलिस मामले मामले की जांच कर रही है।
अमित सिंह (22) पुत्र हंसराज सी-134 चिरजींव विहार में परिवार के साथ रहते थे। वह गुलावठी के बहुपुर के मूल निवासी थे। परिवार उनकी मां मंजू और पत्नी मोनिका हैं। अमित को छह माह पहले वाणिज्य कर विभाग में क्लर्क की नौकरी मिली थी।
यह नौकरी उन्हें दो साल पहले हुई उनके दादा राजेंद्र सिंह चौधरी की डेंगू से मौत के बाद उनकी रिर्जव पद की नौकरी प्रशासन की ओर से मिली थी। बीस साल पहले अमित के पिता हंसराज की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
अमित परिवार में इकलौते थे। तीन माह पहले ही उनकी इकला मसूरी की रहने वाली मोनिका से शादी हुई थी। अमित शनिवार सुबह नौ बजे घर से कचहरी स्थित वाणिज्य कर विभाग के लिए गए थे।
तभी महरौली फाटक के पास हापुड़ से गाजियाबाद आने वाली ट्रेन की चपेट में आ गए। अमित की मौके पर ही मौत हो गई। ऑफिस के किसी कर्मचारी के द्वारा फोन करने पर पता चला कि उनकी ट्रेन से कटकर मौत हो गई है।
राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसएचओ कविनगर ने बताया कि पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि अमित के परिजनों का कहना है कि यह एक हादसा है।