जाट आंदोलन के टलने के बावजूद जाटों के दिल्ली में आने की आशंका के चलते दिल्ली पुलिस, आरएएफ और सीआईएसएफ ने सोमवार सुबह बॉर्डरों पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ट्रांस हिंडन से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को करीब पांच घंटे जाम से जूझना पड़ा। अंदरूनी मार्गों पर रूट डायवर्ट करने के बावजूद जाम खत्म नहीं हुआ।
जाम में बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्र और कई एंबुलेंस भी करीब आधा घंटा फंसी रहीं। पुलिस को स्कूली बसों और एंबुलेंस को रांग साइड निकलवाना पड़ा।जाट आंदोलन रद्द होने के बावजूद दिल्ली पुलिस को आशंका थी कि दूरदराज के क्षेत्र से जाट दिल्ली में पहुंच सकते हैं।
लिहाजा सुबह छह बजे से ही यूपी गेट और अन्य बॉर्डरों पर बेरिकेडिंग कर दिल्ली पुलिस, आरएएफ और सीआईएसएफ ने चेकिंग शुरू कर दी। सुबह आठ बजे से वाहनों का दबाव बढ़ते ही जाम लगना शुरू हो गया। देखते ही देखते यूपी गेट, आनंद विहार, सूर्यनगर, ज्ञानी बॉर्डर और भोपुरा बॉर्डर समेत सभी सड़कें पैक हो गईं।
इस दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने वाहनों को अंदरूनी मार्गों पर डायवर्ट किया, मगर फिर भी जाम खत्म नहीं हुआ। वहीं, लोगों ने एनएच-24, आनंद विहार मुख्य मार्ग पर जाम को देखते हुए लोगों ने वैशाली के अंदरूनी मार्ग और सूर्यनगर की ओर से वाहन निकाले,
जिससे वहां भी जाम लग गया। वैशाली मेट्रो स्टेशन, वैशाली पुलिया, सूर्यनगर, चंद्रनगर और इंदिरापुरम में भी वाहन चालकों को जाम से जूझना पड़ा। सुबह करीब 11 बजे दिल्ली पुलिस ने जाम को देखते हुए बेरिकेडिंग हटा दी। इसके बाद जाम खुलना शुरू हुआ।
हालांकि दोपहर करीब एक बजे ट्रैफिक स्मूद हो सका। टीआई संजीव कुमार ने बताया कि सोमवार को वाहनों के अधिक दबाव और दिल्ली पुलिस की चेकिंग के कारण जाम लगा था। वाहनों को अंदरूनी मार्गों पर डायवर्ट कर जाम कम करने का प्रयास किया गया।