लुक बदलकर फर्जी नाम-पते पर कार लोन लेकर बैंकों को चूना लगाने वाले गिरोह के एक ठग को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी से चार लाख रुपये और तीन लग्जरी कारें बरामद हुई हैं। उसका दूसरा साथी भागा हुआ है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि पकड़ा गया ठग अरविंद आर्य बुलंदशहर के जहांगीराबाद निवासी है। वह नवयुग मार्केट, आरडीसी समेत एनसीआर में सिंडिकेट बैंक की कई शाखाओं से फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन ले चुका था। फर्जी कागजों से गिरोह ने दो लग्जरी कारें खरीदी थीं।
इन कारों के आधार पर वह बैंकों से लोन लेता था। अपने साथी प्रमोद के साथ वह करीब 29 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। आरोपियों ने पाश सोसायटी आशियाना और गौड़ मॉल में किराए पर फ्लैट लिए थे। इन फ्लैटों के फर्जी कागज तैयार कर लोन लेने वक्त खुद को मालिक बताया था।
बरामद कारों से ही आरोपियों ने कई शाखाओं से लोन लिया है। आरोपी लोन लेने के लिए लुक भी बदल लेते थे। कभी वह दाढ़ी लगा लेते थे तो कभी चश्मा लगाकर लोन लेने बैंक पहुंचते थे।
बैंक अफसर पर लगाया मिलीभगत का आरोप
अरविंद ने सिंडिकेट बैंक के अफसर पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उसने दावा किया कि छह लाख रुपये अफसर ने कमीशन लिए थे। उधर, एसएचओ अशोक सिसौदिया ने बताया कि बैंक अफसर की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने खुद को बेगुनाह बताया है। बैंक अफसर का दावा है कि दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर उन्होंने लोन देने से इंकार कर दिया था।