नोएडा के चर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रही नूपुर तलवार को हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह के लिए पैरोल पर छोड़ने का आदेश दिया है। उनको 12 नवंबर तक जेल से बाहर रहने की इजाजत मिली है।
13 नवंबर को नूपुर को अदालत में समर्पण करना होगा। नूपुर तलवार की अर्जी पर न्यायमूर्ति वीके नारायण और न्यायमूर्ति एके मिश्र की खंडपीठ ने सुनवाई की। नूपुर तलवार और उनके पति डा. राजेश तलवार को गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट के तत्कालीन विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने नवंबर 2013 में बेटी आरुषि और नौकर हेमराज के कत्ल के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
दोनों इन दिनों डासना जेल में बंद हैं। नूपुर तलवार ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा था कि उनकी मां लता चिटनिस काफी बीमार हैं, इसलिए उन्हें कुछ समय मां के पास रहने और उनकी सेवा करने की इजाजत दी जाए।
कोर्ट ने अर्जी स्वीकार करते हुए नूपुर को तीन सप्ताह के लिए पैरोल पर छोड़ने का आदेश दिया है। बता दें कि सीबीआई कोर्ट से मिली उम्रकैद की सजा के खिलाफ तलवार दंपति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील कर रखी है।
इस अपील पर सुनवाई अब अगले माह हो सकती है। ऐसे में हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अपील से पहले ही नूपुर को वापस सरेंडर करना होगा। उधर गाजियाबाद में आरुषि-हेमराज मर्डर केस में बचाव पक्ष के अधिवक्ता रहे मनोज शिशौदिया के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश की कापी मिलने के बाद बुधवार को वह गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में अपने बेलबांड पेश करेंगे। इसके बाद ही कोर्ट से रिहाई परवाना जारी किया जाएगा।