जीडीए इन दिनों 2001 से 2006 के बीच इंदिरापुरम में 44 विधायकों को प्लाट देने के मामले को लेकर टेंशन में है। जीडीए को हाईकोर्ट में 8 नवंबर को प्लाट आवंटन का पूरा ब्योरा पेश करना है। सूत्राें से पता चला कि इससे संबंधित एक फाइल गुम हो गई है।
इंदिरापुरम की सावित्री देवी ने पिछले दिनों हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर 44 विधायकों को आउट ऑफ टर्न प्लाट आवंटन करने का आरोप लगाया था। इस पर हाईकोर्ट ने जीडीए से प्लाट आवंटन का पूरा ब्योरा मांग लिया है।
इस संबंध में जीडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि शासन के आदेश पर 2001 से 2006 के बीच इंदिरापुरम में 44 विधायकों को प्राथमिकता के आधार पर प्लाट आवंटित किए गए थे। 2008 में भी 59 विधायकों को इंदिरापुरम में प्लाट दिए गए थे। उन्होंने बताया कि प्लाट आवंटन से संबंधित दस्तावेज कोर्ट को समय से उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जहां तक सावित्री देवी के प्लाट आवंटन का मामला है तो उन्हें इंदिरापुरम विस्तार योजना में प्लाट दिया गया था। बाद में यह योजना निरस्त कर दी गई थी, इसकेबाद पांच सौ रुपए पंजीकरण शुल्क के अलावा बाकी पैसे सावित्री देवी को लौटा दिए गए थे।
सूत्रों ने बताया कि विधायकों को प्लाट देने से संबंधित आवंटन की फाइल तो मिल गई है लेकिन डिमांड लेटर की फाइल गुम हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस फाइल को ढूंढने के कड़े आदेश संबंधित कर्मियों को दिए हैं।
राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के डिजाइन को लेकर शनिवार को एनसीआरटीसी और जीडीए के बीच बैठक होगी। एनसीआरटीसी ने अभी तक इस फ्लाईओवर के लिए एनओसी जीडीए को नहीं दी है। नए डिजाइन के मुताबिक हाईस्पीड ट्रेन फ्लाईओवर के बीच से गुजरेगी।