शादी पंजीकरण के ‘खेल’ में फंसे सब रजिस्ट्रार पंचम
गाजियाबाद। दिल्ली से लेकर राजस्थान तक के दंपतियों की शादी पंजीकरण के मामले में सब रजिस्ट्रार पंचम फंस गए हैं। जिले के पांच अन्य सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में पंजीकृत शादियों से भी अधिक शादियां एक कार्यालय में पंजीकृत हुईं, जिसका सब रजिस्ट्रार (पंचम) जांच कमेटी को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ऐसे में कमेटी ने इतनी बड़ी तादाद में शादियां पंजीकृत होने के मामले में उनकी भूमिका को संदिग्ध माना है। उधर, कमेटी की जांच रिपोर्ट पर डीएम ने शासन को पत्र लिखकर सब रजिस्ट्रार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश कर दी है।
डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट यशवर्धन श्रीवास्तव की कमेटी ने मामले में जांच की, जिसमें सामने आया कि पिछले एक साल में करीब 13 हजार शादियां जिले के छह सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में पंजीकृत हुई हैं। इनमें साधे से भी अधिक करीब सात हजार शादियां अकेले सब रजिस्ट्रार पंचम के कार्यालय में पंजीकृत हैं। जांच में सामने आया कि आर्य समाज के नाम पर संचालित फर्जी संस्थाओं में होनी वाली शादियां भी सबसे अधिक यहीं पर पंजीकृत हुईं। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि एक अकेले कार्यालय में इतनी अधिक शादी पंजीकृत होने का सब रजिस्ट्रार से जब सवाल पूछा गया तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसलिए उनकी भूमिका को संदिग्ध मानी गई। क्योंकि शादी कराने वाली काफी संस्थाओं को फर्जी निकली, जिनके खिलाफ पहले ही थाना कविनगर में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। सवाल उठना इसलिए भी लाजमी है कि सदर तहसील में चार अन्य सब रजिस्ट्रार कार्यालय बिल्कुल बराबर में हैं, जिनमें इतनी बड़ी संख्या में शादियां पंजीकृृत नहीं हुईं।
अमेरिकी दूतावास की सूचना पर कार्रवाई
बड़ी संख्या में गाजियाबाद से शादियां पंजीकृत होने पर अमेरिका दूतावास ने दिसंबर 2018 को डीएम गाजियाबाद से जानकारी मांगी। दूतावास ने आशंका जताई थी कि अमेरिका का वीजा मांगने वाले नए दंपतियों की शादी आपके यहां से पंजीकृत हो रही हैं। खासकर विदेश में रहने वाले व भारत में दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोग आपके यहां शादियां पंजीकृत करा रहे हैं। इस पर प्रशासन ने अलर्ट हुआ और मामले की जांच तेज की। हालांकि इससे पहले आर्य समाज मंदिर राजनगर की शिकायत पर डीएम रितु माहेश्वरी ने सदर स्थित तहसील पर छापा मारा था। जहां से शादी कराने वाली संस्थाओं के कागज भी जब्त किए गए थे, जिनकी जांच कराई गई तो 10 में से छह संस्था फर्जी निकलीं। उधर, मामले में आगे की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई थी।
शासन ने कड़े कर दिए शादी पंजीकरण के नियम
शादी पंजीकरण में हो रही धांधली को लेकर डीएम गाजियाबाद ने अलग से शासन को पत्र लिखा था, जिसमें तमाम सारी खामियां गिनते हुए पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार करने की मांग की थी। शासन ने रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए आनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को कड़ा कर दिया है।
कोट
सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट में सब रजिस्ट्रार पंचम की भूमिका को संदिग्ध माना है, क्योंकि एक अकेले कार्यालय में इतनी बड़ी संख्या में शादियां पंजीकृत होना सामान्य बात नहीं है। इसलिए शासन को पत्र लिखकर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। - रितु माहेश्वरी, जिलाधिकारी