फ्लैट में सो रहे परिवार को जलाकर मारने की कोशिश
गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र की महागुनपुरम सोसायटी में शनिवार रात फ्लैट में सो रहे एक परिवार को आग से जलाकर मारने की कोशिश की गई। फ्लैट में बाहर से दरवाजे में मिट्टी का तेल या डीजल डालकर आग लगाई गई। धुआं अंदर आता देख पति-पत्नी की आखें खुली तो वह दरवाजे की ओर दौड़े और पानी से काबू पाया। फ्लैट में सो रहे चार लोगों की जान बच गई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रसून श्रीवास्तव एनएच-9 स्थित महागुनपुरम सोसायटी के गायत्री टावर फ्लैट 1664 में रहते हैं। वह दिल्ली की आईटी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी भोली गढ़मुक्तेवर के प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि वह शनिवार रात पत्नी, बेटी प्रथमा और साले अभिषेक केसाथ सोए हुए थे। रात करीब 2:20 बजे उनकी आंख खुली तो घर के अंदर धुआं हो रहा था। उन्होंने बाहर की तरफ देखा तो फ्लैट के गेट से आग की लपटें उठ रहीं थी। उन्होंने पानी डालकर आग को बड़ी मुश्किल से बुझाया और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि गेट के बाहर ज्वलनशील पदार्थ (मिट्टी का तेल या डीजल) भरा हुआ था। कुछ पदार्थ बिखरा हुआ था, जिसमें आरोपी ने आग लगाई थी। आग के कारण घर के अंदर धुआं से दम घुटने लगा। शोर मचाने पर आसपास के लोग भी आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे परिवार को आग लगाकर जान से मारने की कोशिश की गई है। कविनगर थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के बारे में पता लगाया जा रहा है।
सोसायटी के सभी सीसीटीवी कैमरे थे बंद
प्रसून ने बताया कि फ्लैट के बाहर, लिफ्ट व सोसायटी के अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन घटना के समय सारे कैमरे बंद थे। कोई भी कैमरा काम नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रत्येक महीने मेंटिनेंस दिया जाता है। उसके बावजूद स्थिति खराब है। कभी भी कोई भी सोसायटी के अंदर बड़ी घटना को अंजाम देकर फरार हो जाएंगे और किसी को जानकारी भी नहीं होगी।
योजना बनाकर आए थे आरोपी
प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि उनका सोसायटी के अंदर आज तक कोई झगड़ा नहीं हुआ है और न ही बाहर किसी से कोई लड़ाई हुई है। आरोपी प्लानिंग के तहत आए और उन्होंने फ्लैट के गेट पर ज्वलनशील पदार्थ रखकर आग लगाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पहले से जानते होंगे कि सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। इसलिए वह पकड़ में भी नहीं आएंगे। घटना को अंजाम देकर आसानी से भाग सकेंगे।
सोसायटी का भी हो सकता है आरोपी
सुरक्षा होने के बाद भी अचानक कोई व्यक्ति आकर सोसायटी के अंदर आग लगाकर चला जाता है। उसके बारे में किसी को भनक नहीं लगती है। इसको लेकर सोसायटी के लोगों में भी विरोध है। लोगों का कहना है कि गार्ड को इसकी जानकारी होनी चाहिए थी। सूत्र के अनुसार सोसायटी का ही कोई व्यक्ति घटना को अंजाम देने में शामिल हो सकता है।