इंदिरापुरम के अहिंसा खंड-2 स्थित आशियाना ग्रीन चौराहे के पास मंगलवार की दोपहर एक स्कूल बस में सीएनजी पाइप लीक होने से आग लग गई। देखते ही देखते बस का अगला हिस्सा आग की लपटों से घिर गया।
बस में मौजूद स्टॉफ व बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने पहुंचकर बस के शीशे तोड़कर 45 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
वैशाली सेक्टर-1 स्थित फादर एग्नेल स्कूल की बस मंगलवार दोपहर तकरीबन 1:45 बजे छुट्टी के बाद 60 बच्चों को लेकर इंदिरापुरम जा रही थी। कुछ बच्चों को रास्ते में उतारने के बाद बस अहिंसाखंड -2 स्थित आशियाना ग्रीन चौराहे के पास पहुंची। तभी एकाएक इंजन से धुआं उठने लगा।
चालक कुछ समझता, तब तक बस का अगला हिस्सा आग की लपटों से घिर गया। चालक ने बस से कूद कर जान बचाई। बस के अंदर मौजूद टीचर शिवानी व परिचालक अजय शोर मचाते हुए बच्चों को बस से नीचे उतारने में जुट गए।
बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने पहुंचकर आनन-फानन में खिड़की के शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। बच्चों के बाहर निकलते ही बस पूरी तरह धू-धू कर जलने लगी। इस बीच सूचना मिलते ही तकरीबन 15 मिनट के अंदर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उधर, फायर ब्रिगेड के एफएसओ सोमदत्त ने बताया कि सीएनजी लीक होने से बस में आग लग गई थी। सूचना मिलते ही साहिबाबाद से एक और वैशाली से दो गाड़ियों ने आग बुझाई।
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टीचर की सूझबूझ से बची बच्चों की जान
घटना के दौरान एसपीएस हाइट्स निवासी टीचर शिवानी जैन बस में ही थी। बस में आग लगने के बाद उन्होंने सूझबूझ के साथ काम लिया और बच्चों को सीढ़ियों के पास बुलाकर एक-एक कर नीचे उतारना शुरू किया। शोर मचाकर आसपास के लोगों से मदद मांगी।
इसके बाद सभी बच्चों की जान बचा सकी। इस दौरान टीचर का मोबाइल भी कहीं गिर गया। उनके हाथ में भी मामूली खरोंचे आईं। बच्चों के माता-पिता सूचना पर उन्हें लेने घटनास्थल पर ही पहुंचे और शिवानी का धन्यवाद किया।