गाजियाबाद। सीकरी गांव में शत्रु संपत्ति का मामला अब तहसीलदार के गले की फांस बन गया है। सारे प्रकरण को जानते हुए भी जमीन पाकिस्तानी के नाम पर करने के मामले में अब शासन स्तर से कार्रवाई होनी है, जिसको लेकर डीएम रितु माहेश्वरी की तरफ से रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। साथ ही मामले में उच्च अधिकारियों को मौखिक तौर पर भी जानकारी मुहैया करा दी गई है। इसी बीच प्रशासन ने जमीन लेने संबंधी आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जैसे ही मुंबई स्थित कस्टोडियन कार्यालय सेे निर्देश मिलता है तो जमीन पर कब्जा लेकर सरकार को सुपुर्द कर दी जाएगी।
मोदीनगर तहसील के गांव सीकरी में चिन्हित की गई 500 एकड़ शत्रु संपत्ति के अधिकांश हिस्से पर लोगों का कब्जा है। प्रशासन चाहता है कि कस्टोडियन से स्वीकृति मिलने से पहले जमीन खाली कराने की तैयारी कर ली जाए। क्योंकि देर सबेरे स्वीकृति मिलनी है और उसके बाद प्रशासन को जमीन खाली कराकर सरकार में निहित करनी होगी। इस स्थिति में एसडीएम मोदीनगर से कहा गया है कि वो जमीन खाली कराने की दिशा में विकल्पों की तलाश करें कि किस तरह से जमीन पर कब्जा लेना है। ध्यान रहे कि सीकरी गांव में करीब 900 करोड़ रुपये की 500 एकड़ से अधिक जमीन पर आजादी से पहले मुस्लिम परिवार का हक था लेकिन बटवारे के वक्त वह परिवार पाकिस्तान चला गया। इसके बाद नियमानुसार संपत्ति पर सरकार का हक होनी चाहिए था लेकिन लंबे समय तक जमीन का पता नहीं चला। बीते वर्ष जुलाई में तहसीलदार ने संबंधित जमीन पाकिस्तान जा चुके व्यक्ति के नाम पर रिकॉर्ड में चढ़ा दी। मामले में डीएम को शिकायत मिली तो जांच बैठा दी गई। जांच कमेटी ने रिपोर्ट दी कि संपत्ति पर सरकार का अधिकार है। क्योंकि संबंधित व्यक्ति देश छोड़कर पाकिस्तान जा चुका है। कमेटी ने तहसीलदार की भूमिका को भी संदिग्ध मानते जिसके बाद डीएम ने तहसीलदार के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की है।